BREAKING NEWS

दिल्ली : राहुल गांधी ने शुरू की ‘सत्याग्रह’ पहल, लोगों से मांगी अन्याय के खिलाफ संघर्ष की कहानी || दिल्ली : नशीले पदार्थों की तस्करी के सरगना नवप्रीत सिंह का प्रत्यर्पण, केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया- 'मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि' || पटना : बाढ़ प्रभावित इलाकों में वायुसेना का राहत अभियान, हेलीकॉप्टरों से 10 टन सामग्री पहुंचाई गई || जोधपुर : केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को जन्मदिन पर बधाईयों का तांता, पीएम मोदी समेत नेताओं ने दी शुभकामनाएं || उत्तर प्रदेश : हापुड़ में मुठभेड़ के बाद पांच अपराधी गिरफ्तार, पुलिस ने 55 लाख के सामान से भरे कैंटर लूट की घटना को सुलझाया

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता राजस्थान में चुनौती जैसी : पायल

जयपुर। अभिनेत्री पायल रोहतगी ने बुधवार को जयपुर पहुंचने के बाद कहा, "जिस तरह से मुझे गिरफ्तार किया गया है, उससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता राजस्थान में चुनौती लगती है।" पायल मंगलवार को बूंदी जेल से रिहा हुईं।

उन्होंने कहा कि सेशन कोर्ट के बयान में कहा गया कि 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित है।' मेरी जमानत रद्द करते वक्त निश्चित तौर पर कई सवाल उठाए गए जैसे कि हमारे संविधान और सर्वोच्च न्यायालय ने हमें पहले ही यह अधिकार दे दिया है।

यह पूछे जाने पर कि क्या आप अपने बोलने की स्वतंत्रता को आगे जारी रखेंगी? इस पर पायल ने कहा, "मैं अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को आगे जारी रखूंगी, क्योंकि मैं सऊदी अरब या ईरान में नहीं रहती हूं बल्कि मैं भारत में रहती हूं। भारत में जो कुछ भी कानून सम्मत है मैं वह करूंगी।"

पायल ने आगे कहा, "मैं ऐसी परिस्थिति से बचने की कोशिश करूंगी जिसके चलते मुझे जेल जाना पड़े।"

रोहतगी ने यह भी कहा कि उनके वीडियो ने किसी भी तरह की हिंसा और युद्ध को नहीं भड़काया है। इसे चार महीने पहले पोस्ट किया गया था और यह कहना कि यह दूसरे देशों के साथ हमारे संबंधों को खराब कर सकता है, सुनने में अतार्किक लगता है।

पायल ने कहा, "मैं कामना करती हूं कि राजस्थान में बेहतर समझ कायम हो। यह 1900 के दशक का कोई आपातकालीन दौर नहीं है जहां आप अभिव्यक्ति के अधिकार पर अंकुश लगा सकते हैं। जिन लोगों को वीडियो से परेशानी थी उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के निजी सचिव एम.ओ.मथाई के परिवार से परामर्श करना चाहिए था, जिन्होंने नेहरू परिवार पर एक किताब लिखी थी। मैंने जो भी पोस्ट किया है, वह इस किताब का हिस्सा है जो सार्वजनिक है।"
पायल ने न्याय प्रणाली का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, "मुझे न्याय प्रणाली पर विश्वास था।"

परीक्षा की इस घड़ी में उनके साथ खड़े अपने हर प्रशंसक को धन्यवाद देते हुए पायल ने कहा, "मैं हर किसी की शुक्रगुजार हूं जिनमें न्याय प्रणाली, वकील, मेरे पति संग्राम, मेरी मां, मेरे पिता और भाई शामिल हैं, जिन्होंने इन सबसे मुझे बाहर निकाला।"
 साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More