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अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता राजस्थान में चुनौती जैसी : पायल

जयपुर। अभिनेत्री पायल रोहतगी ने बुधवार को जयपुर पहुंचने के बाद कहा, "जिस तरह से मुझे गिरफ्तार किया गया है, उससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता राजस्थान में चुनौती लगती है।" पायल मंगलवार को बूंदी जेल से रिहा हुईं।

उन्होंने कहा कि सेशन कोर्ट के बयान में कहा गया कि 'अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित है।' मेरी जमानत रद्द करते वक्त निश्चित तौर पर कई सवाल उठाए गए जैसे कि हमारे संविधान और सर्वोच्च न्यायालय ने हमें पहले ही यह अधिकार दे दिया है।

यह पूछे जाने पर कि क्या आप अपने बोलने की स्वतंत्रता को आगे जारी रखेंगी? इस पर पायल ने कहा, "मैं अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को आगे जारी रखूंगी, क्योंकि मैं सऊदी अरब या ईरान में नहीं रहती हूं बल्कि मैं भारत में रहती हूं। भारत में जो कुछ भी कानून सम्मत है मैं वह करूंगी।"

पायल ने आगे कहा, "मैं ऐसी परिस्थिति से बचने की कोशिश करूंगी जिसके चलते मुझे जेल जाना पड़े।"

रोहतगी ने यह भी कहा कि उनके वीडियो ने किसी भी तरह की हिंसा और युद्ध को नहीं भड़काया है। इसे चार महीने पहले पोस्ट किया गया था और यह कहना कि यह दूसरे देशों के साथ हमारे संबंधों को खराब कर सकता है, सुनने में अतार्किक लगता है।

पायल ने कहा, "मैं कामना करती हूं कि राजस्थान में बेहतर समझ कायम हो। यह 1900 के दशक का कोई आपातकालीन दौर नहीं है जहां आप अभिव्यक्ति के अधिकार पर अंकुश लगा सकते हैं। जिन लोगों को वीडियो से परेशानी थी उन्हें पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के निजी सचिव एम.ओ.मथाई के परिवार से परामर्श करना चाहिए था, जिन्होंने नेहरू परिवार पर एक किताब लिखी थी। मैंने जो भी पोस्ट किया है, वह इस किताब का हिस्सा है जो सार्वजनिक है।"
पायल ने न्याय प्रणाली का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, "मुझे न्याय प्रणाली पर विश्वास था।"

परीक्षा की इस घड़ी में उनके साथ खड़े अपने हर प्रशंसक को धन्यवाद देते हुए पायल ने कहा, "मैं हर किसी की शुक्रगुजार हूं जिनमें न्याय प्रणाली, वकील, मेरे पति संग्राम, मेरी मां, मेरे पिता और भाई शामिल हैं, जिन्होंने इन सबसे मुझे बाहर निकाला।"
 साभार-khaskhabar.com

 

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