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नई दिल्ली । पेट्रोलियम पदार्थो को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से बाहर रखा गया है, लेकिन तरल पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) को नए अप्रत्यक्ष कर शासन में शामिल कर दिया गया है, जिससे दिल्ली के उपभोक्ताओं को इस महीने से प्रति रसोई गैस सिङ्क्षलडर पर 32 रुपये अधिक चुकाना होगा।
अखिल भारतीय स्तर पर (जम्मू और कश्मीर के अलावा) जीएसटी 1 जुलाई से लागू हो चुका है और सरकारी तेल कंपनियां जो हर माह की शुरुआत में एलपीजी कीमतों की समीक्षा करती हैं, उन्होंने 14.2 किलोग्राम के रसोई गैस सिलिंडर की कीमत बढ़ाकर 477.46 रुपये कर दी है, जबकि जीएसटी से पहले इसकी कीमत 446.65 रुपये थी।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने यह घोषणा भी की है कि कोलकाता में रसोई गैस के प्रति सिलिंडर की कीमत में 31.67 रुपये की बढ़ोतरी की गई है और यह 480.32 रुपये में मिलेगी, चेन्नई में 31.41 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 465.56 रुपये में तथा मुंबई में 14.28 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 491.25 रुपये में मिलेगी। केंद्र सरकार ने 1 जुलाई को स्पष्टीकरण जारी कर बताया कि घरेलू और वाणिज्यिक एलपीजी को देशभर में जीएसटी के अंतर्गत रखा गया है।
साभार-khaskhabar.com













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