BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

WHO ने कहा : एस्ट्राजेनेका वैक्सीन पूरी तरह से सेफ, कोई खतरा नहीं

 

दुनिया भर में एस्ट्राजेनेका वैक्सीन के उपयोग व उसके साइड इफेक्ट को लेकर मचे बवाल के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस वैक्सीन को पूरी तरह से सुरक्षित बताया है। इसके साथ ही डब्ल्यूएचओ ने इस वैक्सीन के उपयोग को जारी रखने को कहा है।

एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का उपयोग जारी रखने की बात कही

विश्व स्वास्थ्य संगठन के विशेषज्ञों ने बुधवार को देशों से एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का उपयोग जारी रखने की बात कही है। हालांकि साथ में ये भी कहा है कि आशंका के चलते कुछ देशों में इसका उपयोग निलंबित होने के बाद हम इसकी सुरक्षा की जांच कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने एक बयान में कहा, "डब्ल्यूएचओ ग्लोबल एडवाइजरी कमेटी ऑन वैक्सीन सेफ्टी, नवीनतम उपलब्ध सुरक्षा आंकड़ों का सावधानीपूर्वक आकलन कर रही है।"

फ्रांस के राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि वैक्सीन का प्रयोग दोबारा हो जाएगा शुरू 

कुछ देशों में एस्ट्राजेनेका की कोविड-19 वैक्सीन लगने के बाद खून के थक्के जमने की शिकायतों के बाद जर्मनी, फ्रांस और आयरलैंड ने भी इस टीके पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि उनके देश ने एहतियात के तौर पर यह कदम उठाया है।  हालांकि, मैक्रों ने यह भी उम्मीद जताई कि इस वैक्सीन का प्रयोग दोबारा शुरू हो जाएगा।

इस बात का कोई सबूत नहीं है कि इन टीकों के कारण खून के थक्के जमे हैं

ब्रिटिश स्वीडिश दवा कंपनी एस्ट्राजेनेका और ब्रिटेन के दवा नियामक ने कहा है कि कोविड-19 से सुरक्षा के लिए एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर ऑक्सफोर्ड द्वारा विकसित टीके सुरक्षित हैं और इस बात का कोई सबूत नहीं है कि इन टीकों के कारण खून के थक्के जमे हैं, जैसा कुछ यूरोपीय देशों से रिपोर्ट आई है। एस्ट्राजेनेका का सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के साथ करार है। इससे पहले आयरलैंड, बुल्गारिया, डेनमार्क, नार्वे और आइसलैंड ने एहतियात के तौर पर इस टीके पर रोक लगा दी थी।

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More