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केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बेंगलुरु मेट्रो रेल परियोजना के चरण 2ए और 2बी को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज बेंगलुरु मेट्रो रेल परियोजना के कुल 58.19 किलोमीटर लंबे चरण 2ए और चरण 2बी को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना में चरण 2ए के तहत सेंट्रल सिल्क बोर्ड जंक्शन से के.आर. पुरम तक और चरण 2बी के तहत हेब्बल जंक्शन के रास्ते के.आर. पुरम से हवाई अड्डे तक मेट्रो रूट का निर्माण होगा।  इस परियोजना की कुल  लागत 14,788.101 करोड़ रुपए है।
 
परियोजना के कार्यान्वयन से बेंगलुरु को बेहद जरूरी अतिरिक्त सार्वजनिक परिवहन का बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा।
 
क्या है इस परियोजना का उद्देश्य
 
परियोजना बेंगलुरु में शहरी परिवहन प्रणाली को सुव्यवस्थित करेगी।  तेज विकास और निजी वाहनों की संख्या में वृद्धि होने से प्रभावित हुई परिवहन व्यवस्था इस परियोजना के बाद सुधरेगी।  साथ ही यह परियोजना शहर में भारी निर्माण के कारण परिवहन के बुनियादी ढांचे और औद्योगिक गतिविधियों पर जो जोर पड़ रहा है उसे कम करेगी। इस परियोजना से लोगों को एक सुरक्षित, विश्वसनीय और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा।
 
मेट्रो प्रोजेक्ट अपने आप में शहरी परिवहन की पारंपरिक प्रणाली के रूप में एक नवाचार है। परियोजना के तहत शहर की अन्य परिवहन प्रणालियों को एक साथ कुशल और प्रभावी तरीके से एकीकृत किया जाएगा जो डिजाइनिंग, प्रौद्योगिकी और संस्थागत प्रबंधन के नवीन तरीकों को अपनाकर ही संभव होगा।
 
आखिर क्यों जरूरी हो गई थी मंजूरी

आपको बता दें, बेंगलुरु की जनसंख्या 2000 से 2018 तक 49% बढ़ी। देशभर से कर्नाटक में काम के अवसरों से प्रेरित होकर प्रवासियों का आना इस तेजी से बढ़ती जनसंख्या का मुख्य कारण है। यह उम्मीद की जाती है कि बेंगलुरु शहर की आबादी 2030 तक 1 करोड़ 60 लाख के आसपास होजाएगी। 2018 में यह लगभग 1 करोड़ 10 लाख के आसपास थी। परिणामस्वरूप अव्यवस्थित शहरी निर्माण और बुनियादी ढांचे का अपर्याप्त विकास हो पाया है। इसके अलावा पर्यावरण को भी नुकसान पहुँच रहा है। बढ़ती जनसंख्या और शहरीकरण के अनियोजित विकास के कारण परिवहन के लिए शहर में मेट्रो जरूरी हो गई थी। 
 
2005 में शुरू हुई थी मेट्रो योजना

इसी के मद्देनजर 2005 में भारत सरकार और कर्नाटक सरकार द्वारा संयुक्त रूप से एक विशेष प्रयोजन वाहन के रूप में बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMRCL) स्थापित किया गया।  इसका निर्माण और संचालन बेंगलुरु मेट्रो द्वारा किया गया। बेंगलुरु मेट्रो का फेज 1, जो 42.3 किलोमीटर लंबा है, पूरा हो गया और 2017 में पूरी तरह से चालू हो गया। इसमें ईस्ट वेस्ट (पर्पल लाइन) और नॉर्थ साउथ (ग्रीन लाइन) लाइनें शामिल हैं। चरण 2 बैंगनी और हरे रंग की रेखाओं का विस्तार करेगा और 72.1 किमी की कुल लंबाई के साथ दो नए गलियारे (गुलाबी और पीली लाइनें) बनाएगा। आज मंजूरी मिलने के बाद चरण 2ए और 2बी पर काम शुरू हो जाएगा जिससे मेट्रो रेल कनेक्टिविटी विकसित करने से सार्वजनिक परिवहन की स्थिति में काफी सुधार होगा और सड़क पर निजी वाहनों की संख्या में कमी आएगी।
 
रेल मंत्री ने टिकटों की कमी को गलत बताया

रेल मंत्री ने रेलगाड़ियों के टिकटों की कमी के दावों का यह कहते हुए खंडन किया कि टिकट पर्याप्त मात्रा में उपलब्‍ध हैं और देशभर में रेलगाड़ियां सुचारू रूप से चल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों को आने-जाने में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है और आवश्यकतानुसार विशेष रेलगाड़ियां भी चलायी जा रही हैं।

नारद संवाद

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