देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। बल्देव क्षेत्र के गांव पटलौनी में 18 मार्च को भाजपा नेता चैधरी तेजवीर सिंह के काफिले का ग्रामीणों ने गांव में घुसने से रोका था। करीब आधा घंटे तक यह विवाद चलता रहा था। इस बीच कुछ लोगों ने भाजपा नेता के काफिले पर खेतों से डेले उठाकर फैंक दिये थे।
तेजवीर सिंह की ओर से कहा गया था कि इस घटनाक्रम में भाजपा के तीन कार्यकर्ताओं को चोट पहुंची।
तेजवीर सिंह मथुरा से तीन बार सांसद रहे हैं और वर्तमान में को आरपेटिव उत्तर प्रदेश के चेयरमैन हैं। जनपद में तेजवीर सिंह की कद्दावर जाट नेता की हैसियत है। इससे पहले गोवर्धन क्षेत्र के गांव सौन में स्थानीय विधायक ठाकुर कारिंदा सिंह के किफिले को भी ग्रामीणों ने गांव में नहीं घुसने दिया था।
पटलौनी की घटना में पुलिस ने पांच ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर धारा 151 मंे गिरफ्तार कर छोड दिया था। ग्रामीणों के उपर हुई इस कार्रवाही को भारतीय किसान यूनियन ने गंभीरता से लिया है।
20 मार्च को पटलौनी में भाकियू के पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार तौमर के नेतृत्व में पंचायत हुई इसके बाद फैसला लिया गया कि 22 मार्च को गांव मंे बडी पंचायत होगी और आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। ग्रामीणों का कहना है कि भाजपा के लोगों ने विरोध में बैठी महिलाओं के उपर से होकर गांव में घुसने का प्रयास किया था, जिसके बाद इस घटना हुई। किसान और बीजेपी के कार्यकर्ताओं में दोनों तरफ से धक्कामुक्की हुई।
जिसके परिणाम स्वरूप पुलिस ने बीजेपी के दबाब में आकर पांच किसानों के नाम मुकदमा दर्ज कर धारा 151 में गिरफ्तार कर छोड़ दिया। राजकुमार तौमर ने कहाकि जब गलती भाजपा कार्यकर्ताओं की थी तो मुकदमा ग्रामीणों के खिलाफ क्यों लिखा गया। 22 मार्च की किसान महापंचायत में आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।













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