देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreकेन्द्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला ने आज केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें सभी केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों भी शामिल हुए। इस बैठक में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के साथ ही उसके प्रबंधन और स्थिति का सामना करने के लिए प्रतिक्रिया नीति पर विचार विमर्श किया गया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई इस बैठक में नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वी. के. पॉल, डीएचआर के सचिव एवं भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव भी उपस्थित रहे। सभी केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक भी इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उपस्थित रहे।
सभी केंद्र शासित प्रदेशों ने दिया हालात का विवरण
एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से सभी केंद्र शासित प्रदेशों में नए कोविड मामलों, साप्ताहिक परीक्षणों, साप्ताहिक पुष्टि दर, सप्ताह में हो रही मौतों और आरटी –पीसीआर परीक्षणों और रैपिड एंटीजन टेस्ट की स्थिति/अनुपात का विवरण दिया।
केंद्र शासित प्रदेशों ने कोविड के घोषित मामलों के नियंत्रण (कंटेनमेंट) और प्रबंधन के अपने प्रयासों की जानकारी साझा की। लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और लक्षद्वीप ने देश के दूसरे क्षेत्रों से बड़ी संख्या में हो रही आवाजाही को इसका कारण बताया। हाल के त्योहारों में खरीदारी के लिए लक्षद्वीप से मुख्य भूमि जाने वालों की संख्या में 14 अप्रैल के बाद से अचानक उछाल आया है। अधिकतर केंद्रशासित प्रदेशों ने लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई है, जिसके अंतर्गत रात्रिकालीन कर्फ्यू, द्वीपीय केंद्र शासित प्रदेशों में एक द्वीप से दूसरे द्वीप में जाने पर प्रतिबन्ध शामिल है। चंडीगढ़ प्रशासन ने बताया कि, उन्होंने टीकाकरण करवाने के लिए घर-घर जाकर लोगों को समझाया जा रहा है। 90% से अधिक रोगी अपने घरों में ही संगरोध (आइसोलेशन) में हैं और स्वास्थ्य कर्मचारी उनकी निगरानी कर रहे हैं।
दिल्ली में डीआरडीओ कर रहा है मदद
केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली ने बिस्तरों की कमी और इनकी संख्या को केंद्र सरकार की आधारभूत संरचनाओं और डीआरडीओ द्वारा हाल में ही खोले गए कोविड अस्पताल के माध्यम से बढ़ाने के प्रयासों की चर्चा की। दिल्ली सरकार ने पिछले वर्ष और इस वर्ष अपने अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने में केंद्र सरकार की सही समय पर मिली सहायता के लिए आभार व्यक्त किया। परीक्षणों की संख्या बढ़ाने और जांच के परिणाम में लगने वाले समय को घटाने के प्रयासों पर भी विचार विमर्श हुआ।
नियमों का पालन सख्ती से कराने का निर्देश दिया
कोविड प्रबंधन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा के बाद केन्द्रीय गृह सचिव ने केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड की स्थिति की लगातार निगरानी करने का आग्रह किया। इसके लिए आवाजाही पर कड़ाई से रोक लगाने, लोगों के बड़ी संख्या में एक स्थान पर एकत्रित होने पर रोक, बाजारों के लिए समय सीमा का निर्धारण के साथ ही उचित कोविड व्यवहार पर जोर दिया गया। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेशों को क्लस्टर्स में जांच के लिए आरएटी का उपयोग करते हुए आरटी- पीसीआर परीक्षण बढाने का परामर्श दिया। परीक्षण एवं चिकित्सालय संरचनाओं को बढ़ाने के साथ ही चिकित्सा केंद्र प्रबंधन की तत्काल समीक्षा के लिए भी विशेष रूप से आग्रह किया गया।
केंद्र कर रहा है पूर्ण सहयोग
केन्द्रीय गृह सचिव ने कोविड-19 की रोकथाम (नियंत्रण) और प्रबंधन के काम में केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा किए जा रहे सभी प्रयासों में केंद्र सरकार की ओर से पूर्ण एवं निरंतर समर्थन दिए जाने का आश्वासन दिया।













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