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देश के लिए आने वाले चार हफ्ते बेहद जोखिम भरे, बरतनी होगी सावधानी: नीति आयोग

देश के 10 जिलों में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इन जिलों में सात जिले महाराष्ट्र, एक-एक जिला पंजाब, दिल्ली, और छत्तीसगढ़ से शामिल है। इस बाबत मंगलवार को प्रेस ब्रीफिंग के दौरान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मौजूदा समय में महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ के हालात चिंताजनक है। 

स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा, महाराष्ट्र में स्थिति खराब होती जा रही है। यहां फरवरी के दूसरे हफ्ते में रोजाना करीब 3000 नए मामले आते थे, अब मौजूदा समय में यह बढ़कर 44 हजार प्रतिदिन आने लगे हैं। यह आंकड़ा पूरे देश में आने वाले कोरोना के मामलों का 58 प्रतिशत है। वहीं, मौत की संख्या भी पिछले दो महीनों में 32 से बढ़ कर 250 प्रतिदिन हो गई है। यह देश में हो रही कुल मौत का 34 प्रतिशत है। महाराष्ट्र में पॉजिटिविटी दर भी 24 प्रतिशत हो गई है। 

छत्तीसगढ़ में भी पिछले दिनों कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई

उन्होंने यह भी बताया कि छत्तीसगढ़ में भी पिछले दिनों कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। यहां 6 प्रतिशत नए मामले रिपोर्ट किए जा रहे हैं जबकि 3 प्रतिशत मौत हो रही हैं। वहीं, पंजाब में कोरोना की पॉजिटिविटी दर 8.8 प्रतिशत है और यहां देश के औसतन मौत का 4.5 प्रतिशत मौत हो रही हैं। संतोष की बात है कि यहां 76 प्रतिशत आरटी पीसीआर टेस्ट किया जा रहा है। वहीं दिल्ली, हरियाणा तमिलनाडु में भी मामले तेजी से बढ़े हैं। 

महाराष्ट्र, पंजाब और छत्तीसगढ़ में भेजी गई विशेषज्ञों की 50 टीमें 

राजेश भूषण ने जानकारी देते हुए कहा कि महाराष्ट्र के 30, छत्तीसगढ़ के 11 और पंजाब के 9 जिलों में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विशेषज्ञों की 50 टीमें रवाना कर दी हैं। प्रत्येक टीम में दो सदस्य हैं। यह टीमें इन जिलों के प्रशासन के साथ स्थिति की समीक्षा कर उन्हें सुझाव देगी। 

24 घंटे में 43 लाख से अधिक लोगों को दिया गया टीका 

उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना से बचाव के लिए 43 लाख लोगों को टीका दिया गया है जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। अब तक देश में 8.31 करोड़ लोगों को टीका दिया जा चुका है। इनमें 5.35 करोड़ टीका 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को लगाया जा चुका है। 

देश के लिए आने वाले चार हफ्ते जोखिम भरे  

वहीं नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने बताया कि आने वाले चार हफ्ते काफी जोखिम भरे साबित होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पाया जा सकता है। उन्होंने कहा, जिस तरह देश ने कोरोना की पहली लहर को हराया था उसी तरह अब दूसरी लहर को भी सब मिलकर हरा सकते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को अब ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि अब नए मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसको रोकने के लिए राज्य सरकारों को भी अधिक सतर्कता बरतनी होगी।

टीकाकरण कार्यक्रम पर संतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि देश में अमेरिका के बाद सबसे तेज गति से वैक्सीन लगाने का काम चल रहा है। अमेरिका में जहां प्रतिदिन 30 लाख से अधिक टीके लगाए जा रहे हैं वहीं, भारत में 26.22 लाख टीके प्रतिदिन लगाए जा रहे हैं। वहीं, ब्राजील, फ्रांस, ब्रिटेन जैसे देश 2-6 लाख प्रतिदिन टीके लगा पा रहे हैं। 

प्राथमिकता के आधार पर लगाए जा रहे हैं टीके 

डॉ. पॉल ने कहा कि देश में सबसे पहले उन लोगों को टीका लगाया जो कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा खतरे में थे। उसके बाद 60 साल से ऊपर के उम्र वालों को टीका लगाया गया है। इस तरह की रणनीति सभी देश अपना रहे हैं। कुंभ मेले में कोरोना फैलने की संभावना के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि वहां का प्रशासन अपने तरीके से इस पर काम कर रहा है। अभी से कयास लगाना सही नहीं है।

Prasar Bharati News Service - PBNS
विश्व बैंक के अध्यक्ष ने की भारत की वैक्सीन मैत्री और सीरम इंस्टीट्यूट की जमकर तारीफ

कोरोना संकट के दौर में भारत की वैक्सीन मैत्री ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस बीच विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मालपास ने भारत की इस पहल की तारीफ की है। इस दौरान उन्होंने भारत की कंपनी सीरम इंस्टीट्यूट को लेकर भारत को भाग्यशाली बताया।
 
भारत वैश्विक स्तर पर वैक्सीन का बड़ा निर्माता

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक की बैठक से पहले मीडिया से बात करते हुए विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मालपास ने कहा, घरेलू स्तर पर वैक्सीनेशन कार्यक्रम में तेजी लाने के प्रयासों से वे प्रोत्साहित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार उनका संपर्क सीरम इंस्टीट्यूट के साथ हुआ है और भारत वैश्विक स्तर पर वैक्सीन का निर्माण करने वाला एक बड़ा निर्माता है। वैक्सीन के जरिए अन्य देशों को सहायता देने के लिए पारदर्शिता को बढ़ावा दिया गया है।
 
विकासशील देशों को जल्द से जल्द उपलब्ध कराई वैक्सीन

भारत के घरेलू स्तर पर वैक्सीनेशन की प्रक्रिया में तेजी लाने से वे प्रोत्साहित हैं और इसपर भारत के साथ मिलकर काम भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम जो वैक्सीनेशन अभियान चला रहे हैं, उसके स्तर को बढ़ाने के लिए कई लोगों की आवश्यकता पड़ेगी। मालपास ने कहा कि विकासशील देशों को जल्द से जल्द वैक्सीन उपलब्ध कराई जाए क्योंकि वैक्सानेशन की प्रक्रिया में बहुत समय लगता है। 

गौरतलब हो, भारत ने वैक्सीन मैत्री अभियान के तहत कई देशों को वैक्सीन उपलब्ध कराई है। इन देशों में बांग्लादेश, मालदीव, भूटान, श्रीलंका और अन्य कई प्रमुख देश शामिल हैं।

नारद संवाद

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