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टूरिज्म इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खास फोकस

ज्ञात हो देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए देश में टूरिज्म इन्फ्रास्ट्रक्चर पर खास फोकस किया जा रहा है क्योंकि जो टूरिस्ट बाहर से घूमने आते हैं तो उनको पैसा खर्च करने के बदले सुविधाओं की जरूरत होती है। सरकार इन सुविधाओं को उपलब्ध करवाने का कार्य करती है। ऐसे में लोगों को बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर और लोकल इंफ्रास्ट्रक्चर किस प्रकार दिया जाए कि लोग आएं और सुविधा लें व दूसरी बार आने के बारे में सोचें। वहीं सरकार द्वारा कई धार्मिक सर्किट भी विकसित किए जा रहे हैं। पूरी दुनिया में भारतीय संस्कृति को इनके माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा। जब कभी पर्यटन के क्षेत्र के विकास की बात होती है तो उससे रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना भी बढ़ जाती है। ऐसे में रोजगार के क्षेत्र में तेजी आने की संभावना है।

देश को जल्द मिल सकती है नेशनल टूरिज्म पॉलिसी

केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी किशन रेड्डी ने कहा है कि बजट सत्र से पहले देशभर में नेशनल टूरिज्म पॉलिसी लागू होगी। इस पॉलिसी के तहत ‘विकास भी और विरासत भी’ की तर्ज पर देश में टूरिज्म सेक्टर का विकास किया जाएगा। फिलहाल, टूरिज्म क्षेत्र में इस पॉलिसी को लेकर बात चल रही है। ऐसे में ये पॉलिसी देश में पर्यटन के विकास के लिए बेहद अहम साबित होने वाली है। क्योंकि नई टूरिज्म पॉलिसी में तमाम क्षेत्रों के विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर पर खास फोकस किया गया है।

पर्यटन का देश की GDP में कितना योगदान ?

जीडीपी वृद्धि, विदेशी मुद्रा आय और रोजगार में पर्यटन क्षेत्र का प्रमुख योगदान रहता है। हालांकि, कोविड-19 महामारी के कारण भारत सहित दुनिया के तमाम देशों में वैश्विक यात्रा तथा पर्यटन को कमजोर करने वाला प्रभाव पड़ा। इसके चलते पर्यटन से कमजोर राजस्‍व के बावजूद प्राप्तियों और भुगतान के महामारी से पहले के स्‍तरों पर पहुंचने के साथ सकल सेवाओं में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। भारत लगातार पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है।

यही कारण है कि इस बार बजट में पर्यटन मंत्रालय के लिए 2,400 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि निर्धारित की गई। यह बजट राशि 2021-22 की तुलना में 18.42 % अधिक है और इसका उपयोग मंत्रालय द्वारा पर्यटन बुनियादी ढांचे, विपणन एवं प्रचार और क्षमता निर्माण के विकास के लिए किया जाएगा।

पर्यटन के विकास के लिए 76 प्रोजेक्ट को मंजूरी

2,400 करोड़ रुपए में से 1,644 करोड़ रुपए पर्यटन बुनियादी ढांचे के विकास हेतु निर्धारित किए गए हैं, जिसमें स्वदेश दर्शन योजना के लिए 1181.30 करोड़ रुपए का परिव्यय शामिल है। स्वदेश दर्शन योजना पर्यटन मंत्रालय का एक प्रमुख कार्यक्रम है जिसके तहत मंत्रालय द्वारा 13 विषय-क्षेत्र-संबंधी सर्किट में 76 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

इस बजट आवंटन से मंत्रालय को व्यवस्था के तहत चल रही परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी और निर्मित बुनियादी ढांचा, छोटे तथा कम ज्ञात स्थलों पर पर्यटकों को बेहतर पर्यटन अनुभव प्रदान करेगा। स्वदेश दर्शन योजना के तहत 55 नए स्थलों को विकसित करने की योजना बनाई जा रही है और मंत्रालय पूर्वोत्तर, हिमालयी क्षेत्र, जनजातीय क्षेत्र आदि पर अपना ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगा।

मंत्रालय के एक अन्य प्रमुख कार्यक्रम अर्थात ”प्रसाद योजना” का उद्देश्य देश में चयनित तीर्थ स्थलों का समग्र विकास करना है। ”प्रसाद योजना” के लिए 235 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई है। योजना के तहत विकास के लिए उठाए गए घटकों में क्लॉक रूम सुविधाएं, प्रतीक्षा कक्ष, निर्देशक या चेतावनी संकेतक, यात्री टर्मिनल, स्मारकों/तीर्थयात्रा स्थलों पर रोशनी, पार्किंग सुविधाएं, अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी, कचरे के डिब्बे, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, शिल्प हाट आदि का निर्माण कार्य शामिल हैं।

प्रसाद योजना के तहत कुल 37 परियोजनाओं को मंजूरी

प्रसाद योजना के तहत कुल 37 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 17 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। शेष आवंटन राशि का उपयोग अन्य योजनाओं जैसे सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण, चैंपियन सेवा क्षेत्र योजना, सूचना प्रौद्योगिकी आदि के साथ-साथ मंत्रालय एवं उसके अधीनस्थ कार्यालयों तथा देश व विदेश में भारत के पर्यटन कार्यालयों के स्थापना कार्य को पूरा करने के लिए किया जाएगा।

नारद संवाद

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