देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को राज्य सरकार को झटका देते हुए मथुरा के जवाहरबाग कांड में सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने अपने आदेश में सीबीआई को दो महीने में अपनी जांच प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने माना कि मथुरा का जवाहरबाग कांड सिर्फ हिंसा का मामला नहीं था बल्कि यह जमीन कब्जे की एक बड़ी साजिश थी, जिसे रामवृक्ष यादव और उनके साथियों ने रची थी।
गौरतलब है कि मथुरा के जवाहरबाग कांड में सीबीआई जांच के लिए अलग-अलग 9 याचिका दाखिल की गई थी। इसमें अश्वनी उपाध्याय की लीडिंग याचिका थी। इसके अलावा मथुरा हिंसा के दौरान शहीद हुए एसपी सिटी मुकुल द्विवेदी की पत्नी अर्चना द्विवेदी और प्रफुल्ल द्विवेदी ने भी याचिका दायर की थी।
सभी याचिकाओं में एक बात जो प्रमुखता से कही गई थी, वह यह कि उन्हें सिविल पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। इस मामले में कोर्ट ने 20 फरवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। गौरतलब है कि मथुरा कांड में राज्य सरकार सीबीआई जांच से कन्नी काट रही थी। अभी तक पुलिस ने इस मामले में 101 लोगों के खिलाफ चार्जशीट तैयार की है।
साभार-khaskhabar.com













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