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गाय के गोबर और मूत्र से बने उत्पादों को मिलेगा बढ़ावा, किसानों की बढ़ेगी आय

 

राज्यसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा है कि किसानों के सामने यूरिया की कोई समस्या नहीं है और सरकार का मकसद किसानों की आय को बढ़ाना है। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री ने राज्य सभा में कृषि से जुड़े सवालों के जवाब दिए। उन्होंने कहा कि कीटनाशक और फर्टिलाइजर का प्रयोग कम हो उसी आशय के साथ हम किसानों को ऑर्गेनिक फार्मिंग की ओर बढ़ने में सहायता उपलब्ध करा रहे हैं। 

सरकार दे रही दो प्रकार की सहायता   

इस दिशा में भारत सरकार की ओर से दो प्रकार की सहायताएं दी जाती है। तकरीबन 2 हेक्टेयर तक किसान यदि अपनी खेती का ऑर्गेनिक कन्वर्जन करवाना चाहता है तो उसे तीन साल में 31 हजार रुपए का अनुदान भारत सरकार की ओर से देने का प्रावधान है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर-पूर्वी राज्यों में परम्परागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) के अलावा वहां एक अन्य योजना भी कार्य कर रही है जिसमें 32 हजार रुपए प्रति किसान को प्रति दो हेक्टेयर का प्रावधान भारत सरकार की ओर से इस योजना के अंतर्गत किया गया है। 

ऑर्गेनिक फार्मिंग में गाय के गोबर के प्रयोग की कोशिशें जारी
  
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री पुरुषोत्तम रूपाला ने यह भी कहा कि पशुपालन करने वाले किसानों को विस्तार और बढ़ावा दिया जाएगा और गाय के गोबर और मूत्र से बनने वाले उत्पादों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। ऑर्गेनिक फार्मिंग में गाय के गोबर और मूत्र में एक बैक्टीरिया पैदा करके खाद के रूप में प्रयोग करने को लेकर कोशिशें जारी हैं व साथ ही साथ इस दिशा में किसानों की आर्थिक मदद भी की जा रही है। 

ऑर्गेनिक खेती से किसानों को दिया जाएगा विस्तार    

पुरुषोत्तम रूपाला ने कहा कि ऑर्गेनिक खेती से किसानों को विस्तार दिया जाएगा और उनकी आय बढ़ाने का प्रयास भी किया जा रहा है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जो किसान जैविक खेती कर रहे हैं उन्हें अनुदान भी दिया जाएगा। उन्होंने इस बाबत कहा कि हम नियमित रूप से राज्य सरकार के कृषि मंत्रियों के साथ इस ऑर्गेनिक फार्मिंग को बढ़ाने हेतु चर्चा कर रहे हैं व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करके उनके सामने आ रही समस्याओं को भी सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं। राज्य स्तर की एजेंसी नहीं होने की वजह से वहां के किसानों को सर्टिफिकेशन मिलने में थोड़ी दुविधा रहती है, इसी दिशा में समस्या के समाधान के लिए जल्द ही राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य किए जाने की कोशिश में लगे हैं।

नारद संवाद

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