देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद अपने तीन दिवसीय पूर्वांचल दौरे के दूसरे दिन रविवार को मां विंध्यवासिनी के दरबार में पहुंचे। राष्ट्रपति अष्टभुजा डाक बंगले से पुरानी वीआईपी मार्ग से मां विंध्यवासिनी के मन्दिर में पहुंचे। मंदिर के गर्भ गृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पत्नी सविता कोविंद एवं पुत्री स्वाति कोविंद के साथ आदिशक्ति के चरणों में शीश झुकाया और चुनरी चढ़ाई। दरबार में विधि-विधान पूर्वक दर्शन पूजन व आरती कर मां का आशीर्वाद लिया।
मंदिर दर्शन के दौरान चप्पे-चप्पे पर तैनात रहे सुरक्षा कर्मी
दर्शन पूजन करने के बाद मंदिर परिसर में स्थित अन्य देवी देवताओं का परिक्रमा करते हुए हवन कुंड में भी परिक्रमा की। दर्शन पूजन के बाद मंदिर के पुजारियों ने राष्ट्रपति को अंगवस्त्रम, स्मृति चिह्न और प्रसाद भी भेंट किया। इस दौरान पूरे मंदिर परिसर में सुरक्षा की अभेद किलेबंदी की गई थी। मंदिर परिसर और आसपास चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा कर्मी तैनात रहे। मां विंध्यवासिनी मंदिर से सड़कों के मध्य स्थित पासिंग मार्ग तक बैरियर लगाकर पुलिस कर्मी तैनात रहे।
मंदिर में दर्शन पूजन के बाद राष्ट्रपति अष्टभुजा हेलीपैड से वापस वाराणसी हुए रवाना
मंदिर में दर्शन पूजन के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद अनुप्रिया पटेल,नगर विधायक रत्नाकर मिश्र,राज्यमंत्री रमाशंकर पटेल, वाराणसी परिक्षेत्र के एडीजी, जिलाधिकारी मिर्जापुर प्रवीण कुमार लक्षकार, एसपी अजय कुमार आदि भी मौजूद रहे। मंदिर में दर्शन पूजन के बाद राष्ट्रपति अष्टभुजा हेलीपैड से वापस वाराणसी रवाना हो गये। राष्ट्रपति के मंदिर में आगमन को देख पूरे मंदिर परिसर को फूलों, अशोक और कामिनी की पत्तियों से दुल्हन की तरह सजाया गया था।
मां विंध्यवासिनी धाम से राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद का पुराना नाता
बताते चले, मां विंध्यवासिनी धाम से राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद का पुराना नाता रहा है। कुछ वर्षों पूर्व जब वह सांसद थे, तब मां का दर्शन करने के लिए आए थे। वह राष्ट्रपति के रूप में आज पहली बार मंदिर में आये। राष्ट्रपति से जुड़ी यादों को नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने साझा किया।













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