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PM मोदी ने ममता बनर्जी सरकार पर आपदा में भ्रष्टाचार के लगाए आरोप

कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को पश्चिम बंगाल के हल्दिया में जनसभा को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी सरकार पर आपदा में भ्रष्टाचार के अवसर खोजने का आरोप लगाया। उन्होंने बंगाल की बदहाली के पीछे राजनीति के अपराधीकरण को जिम्मेदार बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ये वो सरकार है जो आपदा में भी भ्रष्टाचार के अवसर खोज लेती है। इससे बड़ा अपराध और क्या हो सकता है? इतना बड़ा चक्रवात आया, इतना कुछ तबाह हो गया। लोगों की मदद के लिए केंद्र सरकार ने जो पैसे भेजे, उसका इन लोगों ने क्या किया, ये पश्चिम बंगाल के लोग भली-भांति जानते हैं। हालात ये थी कि कोर्ट तक को इस पर सख्त टिप्पणी करनी पड़ी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पिछली बार मैं नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी की जन्म जयंती पर बंगाल आया था। आज हल्दिया सहित पश्चिम बंगाल के विकास से जुड़ी करीब 5,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास करने के लिए आपके बीच आया हूं। बंगाल पहले से जितना आगे था, अगर बीते दशकों में उसकी वो गति और बढ़ी होती, तो आज बंगाल कहां से कहां पहुंच गया होता। पश्चिम बंगाल की इस स्थिति का सबसे बड़ा कारण है यहां की राजनीति।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आजादी के बाद जब पश्चिम बंगाल के विकास को नई दिशा देने की जरूरत थी, तब यहां विकास वाली राजनीति नहीं हो पाई। पहले कांग्रेस ने शासन किया, तो भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा। फिर लेफ्ट का शासन लंबे समय तक रहा, उन्होंने भ्रष्टाचार, अत्याचार बढ़ाने के साथ ही विकास पर ही ब्रेक लगा दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मां, माटी मानुष की बात करने वालों में आज भारत माता के लिए आवाज बुलंद करने का साहस नहीं है। साहस इसलिए नहीं है, क्योंकि इतने सालों में इन लोगों ने पॉलिटिक्स को क्रिमिनलाइज किया है, करप्शन को इंस्टीट्यूशनलाइज किया है और प्रशासन और पुलिस का राजनीतिकरण किया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, अभी कुछ दिन पहले ही, मारीचझापी नरसंहार की दुखद बरसी थी। देश इस घटना को, गरीबों और दलितों के इस नरसंहार को कभी नहीं भूलेगा। लेकिन बंगाल तृणमूल से ये पूछना चाहता है- जिन पुलिस वालों ने नंदीग्राम में गोलियां चलाई थीं, जिन्होंने गरीबों का खून बहाया, आप उन्हीं को पार्टी में क्यों शामिल कर रहे हैं?

साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

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