देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreप्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को महान क्रांतिकारी और राष्ट्रवाद के प्रेरणास्रोत शहीद भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु को उनके "शहादत दिवस" पर याद करते हुए कहा, मां भारती के इन महान सपूतों का बलिदान देश की हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
पीएम मोदी ने ट्वीट संदेश में कहा...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट संदेश में कहा, आजादी के क्रांतिदूत अमर शहीद वीर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को शहीदी दिवस पर शत-शत नमन। मां भारती के इन महान सपूतों का बलिदान देश की हर पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। जय हिंद!
प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर एक वीडियो भी किया साझा
प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर दो मिनट का एक वीडियो भी साझा किया है। इसमें उन्होंने 1919 में जलियांवाला नरसंहार की घटना को याद करते हुए कहा कि अंग्रेजों ने जलियांवाला बाग में निर्दोष लोगों का कत्लेआम किया। इस नरसंहार के गवाह रहे 12 साल के बालक भगत सिंह ने उसी समय अंग्रेजी शासन के खिलाफ लड़ने की कसम खाई थी।
https://twitter.com/narendramodi/status/1374194689792823296?s=20
उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह पराक्रमी होने के साथ-साथ विद्वान और चिंतक भी थे। उनके लिए कभी व्यक्तिगत गौरव महत्वपूर्ण नहीं रहा। वह जब तक जिए एक मिशन के लिए जिए और उसी के लिए अपना बलिदान दे दिया। वह मिशन था भारत को अन्याय और अंग्रेजी शासन से मुक्त कराना।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम भगत सिंह बन पाए या ना बन पाए लेकिन उनके जैसा देशप्रेम और उसके लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा जरूर हम सब के दिलों में होना चाहिए। शहीद भगत सिंह को यही हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
23 मार्च का दिन भारत की स्वतंत्रता के इतिहास में बेहद खास
उल्लेखनीय है कि 23 मार्च का दिन भारत के स्वतंत्रता इतिहास में बेहद खास महत्व रखता है। 1931 में आज ही के दिन महान क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को फांसी दी गयी थी।
पढ़ें देशभक्ति से भरपूर शहीद भगत सिंह के कुछ क्रांतिकारी विचार, भर देंगे देशभक्ति का जब्जा:
> निष्ठुर आलोचना और स्वतंत्र विचार, ये दोनों क्रांतिकारी सोच के दो अहम लक्षण हैं।
> व्यक्तियों को कुचलकर भी आप उनके विचार नहीं मार सकते हैं।
>आम तौर पर लोग चीजें जैसी हैं उसी के अभ्यस्त हो जाते हैं। बदलाव के विचार से ही उनकी कंपकंपी छूटने लगती है। इसी निष्क्रियता की भावना को क्रांतिकारी भावना से बदलने की दरकार है।'
> 'वे मुझे कत्ल कर सकते हैं, मेरे विचारों को नहीं। वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं लेकिन मेरे जज्बे को नहीं।'
> यदि बहरों को सुनना है तो आवाज को बहुत जोरदार होना होगा। जब हमने बम गिराया तो हमारा ध्येय किसी को मारना नहीं था।
> पिस्तौल और बम क्रांति नहीं लाते, बल्कि इंकलाब की तलवार विचारों की सान पर तेज होती है।
Narendra Modi
आजादी के क्रांतिदूत अमर शहीद वीर भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को शहीदी दिवस पर शत-शत नमन। मां भारती के इन महान सपूतों का बलिदान देश की हर पीढ़ी के लिए...













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