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पीएम केयर फंड से खरीदे गए एक लाख ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर

कोरोना काल में देश में मेडिकल ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए सरकार पीएम केयर फंड से जहां 500 ऑक्सीजन प्लांट कई राज्यों में लगाने का काम कर रही है, वहीं अब तक एक लाख ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर भी खरीद चुकी है। इसके अलावा, ऑक्सीजन के उत्पादन व आयात को भी बढ़ा दिया गया है। ऑक्सीजन की सप्लाई में भी सात गुना बढ़ोतरी हुई है।
 
 
ऑक्सीजन और संबंधित उपकरण किए गए आयात
 
गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव पीयूष गोयल ने बताया कि पीएम केयर फंड से अब तक एक लाख ऑक्सीजन कॉन्सेंट्रेटर खरीदे गए हैं। इसके साथ 5,805 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन (एलएमओ) आयात की जा रही है। इसके अलावा 7,049 मीट्रिक टन क्षमता वाले 374 टैंकर भी हवाई मार्ग से मंगवाए गए हैं। वायु सेना की मदद से 1407 मीट्रिक टन क्षमता वाले 81 कंटेनर मंगवाए हैं। 637 मीट्रिक टन तरल ऑक्सीजन 157 विशेष ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों से पहुंचाई जा रही है। 
 
 
उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन की सप्लाई में सात गुना बढ़ोतरी हुई है। मार्च में जहां लिक्विड ऑक्सीजन की सप्लाई 1320 मीट्रिक टन थी वह 9 मई तक बढ़ कर 8,943 मीट्रिक टन हो गई है।
 
28 मार्च 2020 को पीएम केयर्स फंड की हुई थी स्थापना 
बता दें कि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए 28 मार्च को प्रधानमंत्री ने सिटीजन असिस्टेंस ऐंड रिलीफ इन इमरजेंसी सिचुएशन (पीएम केयर्स) फंड की स्थापना की थी। इस कोष में पूरी तरह से व्यक्तियों / संगठनों से स्वैच्छिक योगदान होता है और इसे कोई बजटीय सहायता नहीं मिलती है। 
 
पीएम-केयर्स फंड में दान दी गई रकम पर इनकम टैक्स से 100 फीसदी छूट मिलेगी। यह राहत इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80जी के तहत मिलेगी। पीएम-केयर्स फंड में दान भी कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी (CSR) व्यय के रूप में गिना जाएगा।

नारद संवाद

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