देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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तिरुमाला । तिरुपति मंदिर प्रशासन ने नरेंद्र मोदी सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक को पुराने नोटों में मिले चढ़ावे को लेकर पत्र लिखा है। नोटबंदी से देशभर की जनता ने बैंकों और एटीएम के सामने लाइनों में घंटों खड़े रहकर बहुत-सी परेशानियां झेलीं, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार के इस फैसले ने जनसाधारण ही नहीं, भगवान के लिए भी एक अनूठी समस्या पैदा कर दी है। विश्व प्रसिद्ध आंध्र प्रदेश में भगवान वेंकटेश्वर के तिरुपति स्थित मंदिर के सामने बहुत विचित्र स्थिति खड़ी हो गई है, क्योंकि पिछले दो महीनों में भक्तों-श्रद्धालुओं ने यहां हुंडियों में लगभग चार करोड़ रुपये मूल्य के बंद हो चुके 500 और 1000 रुपये के नोट दान किए हैं। मंदिर में ये नोट पुराने नोटों को बदलवाने के लिए तय अंतिम तारीख 30 दिसंबर के बाद दान किए गए। मंदिर के लिए यह समस्या इसलिए भी बड़ी है, क्योंकि सरकार एक कानून को अधिसूचित कर चुकी है, जिसके तहत 10 से ज्यादा संख्या में बंद किए जा चुके नोटों को रखना अपराध है, जिसके लिए कम से कम जुर्माना 10,000 रुपये निर्धारित किया गया है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के कार्यकारी अधिकारी डी संबाशिवा राव ने बताया कि पुरानी मुद्रा में चार करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंदिर में चढ़ाई गई है। मंदिर प्रशासन ने सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक को इस बाबत पत्र लिखा है।
साभार-khaskhabar.com













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