BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

LOCKDOWN: सीएम नवीन पटनायक बोले- ओडिशा लौटने के इच्छुक लोगों के लिए पंजीकरण अनिवार्य

भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने रविवार को यहां कहा कि ओडिशा के जो लोग दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं, लेकिन वहां से लौटना चाहते हैं, उन्हें पंचायत स्तर पर अपना नाम अनिवार्य रूप से पंजीकृत कराना होगा।
मुख्यमंत्री ने एक वीडियो संदेश में कहा, "जो लोग ओडिशा लौटना चाहते हैं, उन्हें लौटने से पहले हरहाल में पंजीकरण कराना होगा। उनके रिश्तेदार और मित्र संबंधित ग्राम पंचायतों में पंजीकरण करा सकते हैं। वापस लौटने वालों को 14 दिनों तक मुफ्त में क्वोरंटीन सेंटर में रखा जाएगा, और उसके बाद प्रत्येक को प्रोत्साहन के रूप में दो हजार रु पये भी दिए जाएंगे।"
उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था को प्रभावी और मानवीय तरीके से लागू करने के लिए ओडिशा जिला कलेक्टरों से लेकर सरपंचों तक को उनके संबंधित अधिकार क्षेत्र में अधिकार दे रही है।
प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंजीकरण की सुविधा होगी, जहां लौटने के इच्छुक व्यक्ति के रिश्तेदार उसकी तरफ से उसका पंजीकरण करा सकते हैं।
पटनायक ने कहा, "असाधारण परिस्थितियां असाधारण समाधान की मांग करत्ी हैं। पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों को सशक्त बनाने से वापस आने वालों का आवागमन, उन्हें ट्रैक करना और निगरानी करना आसान होगा और कोविड-19 के खिलाफ हमारी लड़ाई को मजबूती मिलेगी।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "मेरी नजर में हरेक जिंदगी मूल्यवान है और उसे एक सम्मानजनक तरीके से बचाया जाना चाहिए। पंचायत राज संस्थानों को इसमें शामिल करने से काफी मदद मिलेगी।"
उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के प्रतिबंध समाप्त होने के बाद ओडिशा सरकार मेजबान राज्यों और सरकारों के साथ मिलकर घर लौटने के इच्छुक सभी लोगों की वापसी सुनिश्चित की जाएगी।

साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More