देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreमथुरा। किसान आंदोलन के दौरान गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में हुए घटनाक्रम के बाद भारतीय किसान यूनियन के नेता कार्यकर्ताओं के साथ आंदोलन छोड कर वापस लौट रहे हैं। किसान नेता, किसान आंदोलन में हुए इस पूरे घटनाक्रम से बेहद आहत नजर आये। दिल्ली के चिल्ला बार्डर से कार्यकर्ताओं के साथ गांव अडींग लौटे भाकियू भानू के प्रदेेश उपाध्यक्ष रमेेश सिकरवार ने कहाकि जिस तरह से गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में उपद्रव हुआ, पुलिस पर हमला हुआ, तिरंगे का अपमान हुआ उससे वह बेहद दुखी हैं। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को एक ेशाजिस करार देते हुए कहाकि सरकार इसकी निष्पक्ष जांच कराए और जो भी दोषी पाया जाये उसके साथ कठोरतम दंडात्मक कार्रवाही की जानी चाहिए है। रमेेश सिकरवार ने कहकि इस घटना से पूरे देेश का किसान ेशर्मेशार है। किसान तिरंगे का सम्मान करता है। किसी भी कीमत पर देेश का किसान तिरंगे का अपमान नहीं कर सकता। भाकियू भानू के प्रदेेश उपाध्यक्ष रमेेश सिकरवार लगातार इस आंदोलन से जुडे रहे हैं, चिल्ला बार्डर पर वह प्रदेेश अध्यक्ष के साथ इस आंदोलन की कमान सम्हाले हुए थे। गणतंत्र दिवस के दिन हुए घटनाक्रम के बाद भाकियू भानू से जुडे किसान नेता और कार्यक्र्ता वापस लौटने लगे हैं।













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