देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreकेंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने शुक्रवार को दुनिया का पहला माइक्रोसेंसर आधारित एक्सप्लोसिव ट्रेस डिटेक्टर (ETD) ‘नैनोस्निफर’ लॉन्च किया। यह डिटेक्टर IIT बॉम्बे द्वारा संरक्षित एक स्टार्टअप ने बनाया है। नैनोस्निफर 10 सेकंड से भी कम समय में विस्फोटक का पता लगा सकता है।
नैनोस्निफर है 100% मेड इन इंडिया
इस मौके पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल ने कहा कि नैनोस्निफ तकनीक के द्वारा विकसित नैनोस्निफर डिटेक्टर आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ा एक कदम है। नैनोस्निफर अनुसंधान, विकास और निर्माण के मामले में 100% मेड इन इंडिया उत्पाद है। नैनोस्निफर की मूल तकनीक अमेरिका और यूरोप में पेटेंट द्वारा संरक्षित है। उन्होंने आगे कहा कि यह किफायती उपकरण आयातित विस्फोटक ट्रेस डिटेक्टर उपकरणों पर हमारी निर्भरता को कम करेगा। यह उपकरण अन्य संस्थानों, स्टार्टअप्स और मध्यम स्तर के उद्योगों को स्वदेशी रूप से उत्पादों के अनुसंधान और विकास के लिए प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने कहा कि बाजार की कीमत के आधार पर यह उत्पाद एक आदर्श उदाहरण है।
10 सेकंड से भी कम समय में लगा लेता है विस्फोटक का पता
केद्रीय मंत्री ने सराहना करते हुए कहा , नैनोस्निफर पहला माइक्रोसेंसर आधारित विस्फोटक ट्रेस डिटेक्टर है, जो 10 सेकेंड से भी कम समय में विस्फोटक सामग्री का पता लगा सकता है और यह अलग-अलग तरह के विस्फोटक को पहचानता है और उन्हें उसी अनुरूप वर्गीकृत भी करता है। यह सैन्य, पारंपरिक और घर के बने विस्फोटकों का पता आसानी से लगा लेता है। नैनोस्निफर आवाज और दृश्य दोनों रूप से अलर्ट करता है।
उन्होंने कहा कि इसकी मदद से न केवल हमारी पुलिस, सुरक्षा बल और सैन्य सुरक्षा को मजबूती मिलेगी बल्कि नागरिक उड्डयन को भी एक नया सुरक्षा कवच मिलेगा। इस उत्पाद की मदद से विस्फोटक के छोटे-छोटे अंश को भी ढूंढा जा सकता है और उचित कार्रवाई की जा सकती है।
बता दें कि नैनोस्निफर ने पुणे स्थित DRDO की उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (HEMRL) परीक्षण को सफलतापूर्वक पार कर दिया है और देश की उच्च आतंकवाद रोधी बल राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) द्वारा भी इसका परीक्षण भी किया गया है।
स्टार्ट-अप दे रहे हैं आत्मनिर्भर भारत को उड़ान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस उत्पाद ने यह साबित किया कि आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी दिल्ली अपनी ऑफशूट कंपनियों के साथ मिलकर देश की सुरक्षा के लिए उन्नत और सस्ती स्वदेशी उत्पादों का निर्माण कर एक ईमानदार प्रयास कर रहे हैं। यह शिक्षा और उद्योग सहयोग का एक आदर्श उदाहरण है, जो भारत में अन्य स्टार्टअप के लिए एक आदर्श बनेगा। हमें विदेशी उत्पादों का आयात क्यों करना चाहिए जब हमारा राष्ट्र प्रतिभाशाली, जानकार और परिश्रमी उद्यमियों से भरा हुआ है। अब हमारा देश बड़ी मात्रा में नैनो उत्पादों, विस्फोटक ट्रेस डिटेक्टरों जैसे उत्पादों का विकास और निर्माण कर रहा है।
क्यों जरूरी है एक अच्छा विस्फोटक डिटेक्टर
निरंतर खतरों को देखते हुए हवाई अड्डों, रेलवे और मेट्रो स्टेशनों, होटल, मॉल और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विस्फोटक डिटेक्टर एक जरूरी उपकरण बन गया है। ऐसे स्थानों के चेक प्वाइंट पर लोगों और सामान की तेजी से स्कैनिंग के लिए उन्नत पहचान उपकरणों का होना आवश्यक है। इस तरह के उत्पादों के लिए नैनोस्निफर एक सही विकल्प है।













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