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स्वास्थ्य केन्द्र पर चल रहा था कोविड-19 टीकाकरण अभियान

मथुरा। राधानिवास क्षेत्र स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर कोरोना टीकाकरण अभियान के दौरान असलाहों से लैस सात लोग चिकित्सा अधिकारी के कक्ष में पहुंचे और टीकाकरण के दबाव डालने लगे। चिकित्सा अधीक्षिका द्वारा उनका विरोध किया तो उन्होंने गालीगलौज दी और अभद्र व्यवहार कर मारपीट करने की धमकी दे डाली।

ये सातों आरोपी अपने को एसओजी टीम के सदस्य बता रहे हैं। इस घटना को लेकर एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रह है। चिकित्सा अधीक्षिका ने वृंदावन कोतवाली में तहरीर दी है। कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में वृंदावन के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र की चिकित्सा अधीक्षिका डॉ. कंचन शर्मा ने बताया कि 22 मार्च की दोपहर को वह अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य कोविड-19 के टीकाकरण करा रही थीं।

कि तभी अचानक करीब दो बजे सात लोग उनके कक्ष में घुस आए और नियम के विपरीत कोरोना का टीका लगवाने का दबाव डाल रहे थे। सभी के पास असलाह थे। जब चिकित्सा अधीक्षिका ने इसका विरोध किया तो आरोप है कि उन सातों ने चिकित्सा अधीक्षिका और वहां मौजूद स्टाफ ने अभद्रता की और गालीगलौज देते हुए मारपीट करने की धमकी देने लगे।

इस घटना से स्वास्थ्य केन्द्र पर हड़कंप मच गया। जब चिकित्सा अधिकारी ने उन सातों लोगोें से परिचय जाना तो उन्होंने अपना परिचय एसओजी प्रभारी और उनके कर्मचारियों के रुप में दिया। चिकित्सा अधीक्षिका ने तहरीर में बताया उस घटना के दौरान उनके कार्यालय में पांच महिला और तीन पुरुष कर्मचारी कार्यरत थे। जो कि इस घटना से भयभीत हैं। चिकित्सा अधीक्षिका ने इस मामले में कोतवाली प्रभारी स तुरंत कार्रवाई की मांग की है।

वहीं इस मामले में कोतवाली प्रभारी अनुज कुमार ने बताया कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है। वह सात लोग कोई और नहीं पुलिस के ही लोग थे। चिकित्सा अधीक्षिका और पुलिस के लोग दोनों ही एक दूसरे पर तेज बोल गए थे। इस वजह से मामला बढ गया। इस मामले में अपराध करने जैसा कुछ भी नहीं है।

 

नारद संवाद

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