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ग्राम पंचायतों के पास होंगे अपने कार्यालय

मथुरा। पंचायती राज में छोटी ग्राम पंचायतों को भी पांच साल में करोडांे का बजट मिलता है। बड़ी पंचायतों के प्रधानों का रूतबा ऐसा कि क्षेत्रीय विधायक से लेकर अधिकारी तक प्रधान को साधने का प्रयास करते हैं।

बावजूद इसके जनपद में 107 ग्राम पंचायत ऐसी थी जिनके पास अपना कार्यालय तक नहीं था। ऐसी ग्राम पंचायतों में जहां पंचायत का अपना कार्यालय नहीं था वहां ग्राम विकास अधिकारी भी ग्राम प्रधान के घर बैठते हैं और वहीं से पंचायत का काम काज होता था।

राजनीतिक टसन की बात होतो गांव की प्रधान से ज्यादा पंगा कहीं नहीं, ग्राम पंचायत की आधी आबादी तो चुने हुए ग्राम प्रधान के घर पूरे पांच साल नहीं जाती। उन्हें प्रधान की चैखट चूमना मंजूर नहीं। ऐसे में लोग छोटे मोटे काम की शिकायत लेकर बीडीओ और एसडीएम तक पहुंचते हैं। उनका कहना यही होता है कि ग्राम प्रधान काम नहीं कर रहा। ग्राम विकास अधिकारी से ग्रामीणों को काम हो तो उनका ठिकाना भी प्रधान का घर ही हेाता है।


सरकार ने समस्त ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन का निर्माण सुनिश्चि किया है। यह काम आगामी पंचायती चुनाव से पहले होना था। अधिकांश ग्राम पंचायतों के पास अब अपने कार्यालय हैं। कुछ एक ग्राम पंचायत ऐसी हैं जहां काम अभी पूरा नहीं हुआ है। संभावना यही है कि नये प्रधान के चुने जाने और नई ग्राम पंचायत के अस्तित्व में आने से पहले जनपद की समस्त 504 ग्राम पंचायतों के पास अपने कार्यालय होंगे।

फरह ब्लाक में बने हैं 23 कार्यालय


फहर ब्लाक की चैकीपुरा कलां, गांजौली, शहजादपुर गूजर, गढी रामबल, मलिकपुर, मेघपरु, मिर्जापुर, ब्राह्मणान, सरूरपुर, रौसू जलाल, आंवला सुल्तानपुर, खेड़िया, पिपरौठ, मुर्शिदपुर, बरौदा मशरकपुर, नगला अबुआ, पीलुआ सादिकपुर, भदाया, धर्मपुरा, चुरमुरा पौरी, भुडरसू, भदेरूआ, परखम, पींगरी एवं भाहई विकास खण्ड फरह में 23 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन बने हुए नहीं थें।

छाता ब्लाॅक में 27 नये कार्यालय हो रहे तैयार


छाता ब्लाक की 27ः इसी प्रकार आजनौठ, चैडरस, आदमपुर, खानपुर, ओवा बांगर, अलवाई, गुलालपुर, उमराया, महरोली, रूपनगर, धनोता, मझोई, घमसींगा, सांखी, ऐंच, गोहारी, गुहेता 10 विसा, कराहरी, भोरनगर, आजनोख, भदावल, उझानी, बहरावली, हुसैनी, रनवारी, छाता देहात विकास खण्ड छाता में 27 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन नहीं थें।

बल्देव ब्लाक में 11 ग्राम पंचायत थीं कार्यालय विहीन


बल्देव ब्लाक की 11ः ंशहजादपुर, जादौपुर, सराय दाउद, गोंठा, नवीपुर बांगर, फतहपुरा, मडौरा, कान्जौली, बरोली, जगसना विकास खण्ड बल्देव में 11 ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन बन कर तैयार हैं।

मथुरा ब्लाक में सात कार्यालय बने


मथुरा ब्लाक की 7ः इसी प्रकार सकना, नगला बौहरा, शाहपुर जाटान, शाहपुर चैनपुर, जुल्हेंदी, भदाल, बढ़ौता विकास खण्ड मथुरा में 7 ग्राम पंचायतों में भवन तैयार हुए हैं।

मांट ब्लाक में 14 ग्राम पंचायत थी अछूती


मांट ब्लाक की 14ः दुनैटिया, वकला, पीरी, कुडवारा, कल्याणपुर, नगला हिमांयु, जहांगीरपुर, सूरज, डडीसरा, डांगौली, विवाबली, तेहरागांट, नीमगांव विकास खण्ड मांट में 14 ग्राम पंचायतों में भवन नहीं थे।

राया ब्लाक में 11 भवन हो रहे तैयार


राया ब्लाक की सूरजा, सारस, नगला हरी, सौर, तेहरा महावन, बना, थोक कमल, भंकरपुर बेसला, गजू, अचरूलधौरा, कारब ग्राम पंचायत में ग्राम पंचायतों में भवन तैयार हो रहे हैं।

चैमुहां में 14 कार्यालय बन कर तैयार


चैमुहां ब्लाक की शहदपुर, ततारपुर, डाहरौली, देवपुरा, डिरावली, बाजना, भरतिया, रहेड़ा, पसौली, नरी, अकबरपुर, सैमरी, अगरयाला, सेही बांगर ग्राम पंचायत में बने हैं कार्यालय।
 

नारद संवाद

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