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बिना नीलामी के BSNL और MTNL को 5G स्पेक्ट्रम आवंटित करेगी सरकार

सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों बीएसएनएल और एमटीएनएल को 5-जी और भविष्य की सेवाओं के लिए भारत सरकार अब स्पेक्ट्रम खुद प्रशासनिक आधार पर आवंटित करेगी। केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बीते बृहस्पतिवार को संसद को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह आवंटन 4-जी सेवाओं के स्पेक्ट्रम आवंटन के सिद्धांत पर ही किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में कहा, ‘‘सरकार ने बीएसएनएल/एमटीएनएल को मौजूदा परिचालन को कायम रखने और भविष्य की सेवाओं के लिए प्रशासनिक रूप से 5-जी सेवाएं प्रदान करने के लिए स्पेक्ट्रम की मंजूरी उसी सिद्धांत पर देगी जो बीएसएनएल और एमटीएनएल को 4-जी सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम आवंटन के समय लागू था’’। 

4G सेवाओं के स्पेक्ट्रम के लिए 24,084 करोड़ आवंटित
भारत में अभी 5-जी सेवाएं शुरू होनी हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2021-22 में 4-जी सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम के लिए 24,084 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की है। बीएसएनएल ने अपनी आगामी 4 जी सेवा नेटवर्क की निविदा के लिए अवधारणा (पीओसी) व पंजीकरण के लिए अभिरुचि पत्र (ईओआई) जनवरी में आमंत्रित कर चुकी है। 
 
उन्होंने कहा कि बीएसएनएल एक अप्रैल से दिल्ली लाइसेंस प्राप्त सेवा क्षेत्र (एलएसए) में एमटीएनएल की मोबाइल सेवाओं का प्रबंधन करेगी। अगर ऐसा होता है तो सरकारी टेलीकॉम कंपनियों के मोबाइल कनेक्शन इस्तेमाल करने वालों को 5G नेटवर्क के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। ऐसे में, हो सकता है Airtel, Jio और Vi के ग्राहकों से पहले ही BSNL और MTNL के ग्राहकों को 5G नेटवर्क मिल जाए।

नारद संवाद

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