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पडतलाः दावों से जुदा हैं, एमएसपी पर ’गेहूं की खरीद के सरकारी इंतजाम’

मथुरा। एक अप्रैल से सरकारी खरीद केंद्र पर गेहूं की खरीद का दावा सरकार ने किया है। खरीद केन्द्र का मतलब न्यनतम समर्थन मूल्य पर यहां किसान अपना गेहूं बेच सकेंगे। कारोबारी एमएसपी पर गेहूं खरीद केन्द्र पर न बेच सकें इसके लिए सरकार ने इस बार खासे इंतजाम किये हैं।

यह दावे और इंतजाम लिखापढी में हैं। 31 मार्च को जमीनी हकीकत इससे जुदा मिली। गोवर्धन क्षेत्र का कृषि क्षेत्रफल 52000 एकड़ है। खरीद केंद्र से अभी वीरान चल रहा है। यह कभी 33 गेहूं खरीद केंद्र चला करते थे अभी एकमात्र क्षेत्रीय सहकारी समिति पर वारदाना भी नहीं भेजा गया है।


ब्रज अकादमी के अध्यक्ष दिलीप यादव ने विधायक कारिंदा सिंह से अड़ींग में दो और गेहूं खरीद केंद्र खोलने की मांग की है ताकि सभी किसानों का गेहूं आसानी से तुलवाया जा सके।


उल्लेखनीय है कि अडींग ग्राम पंचायत जिले की बड़ी ग्राम पंचायतों में शामिल है। जब यहां का हाल यह है तो छोटी जगहों पर स्थित और खराब होना तय है। यहां का कृषि क्षेत्रफल 52000 एकड़ है। इसके अलावा नई उन्नत किस्मों का गेहूं को लेकर कारण उत्पादकता भी बेहद अच्छी है लेकिन सरकारी खरीद के नाम पर अव्यवस्था ही नजर आ रही है।

अभी तक जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा क्षेत्रीय सहकारी समिति पर बारदाना भी नहीं भेजा गया है कांटे बांट का इंतजाम भी बांट माप विभाग की शिथिलता के चलते पूरा नहीं हो पाया है। एक अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं खरीद के लिए 65 स्थानों पर क्रय केंद्र खोले गए हैं।

गेहूं की खरीद एक अप्रैल से 15 जून तक की जाएगी। इसके लिए खाद्य विभाग, पीसीएफ, यूपीपीसीयू और भारतीय खाद्य निगम को गेहूं खरीद की जिम्मेदारी दी गई है। यूपी एग्रो को इस बार गेहूं खरीद से बाहर रखा गया है। ये एजेंसियां किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति कुंतल की दर से गेहूं की खरीद करेंगी।

एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को यह करना होगा


इस दफा सरकार द्वारा खाद्य विभाग की वेबसाइट पर किसानों का रजिस्ट्रेशन का काम प्रारंभ कर दिया गया है। किसानों द्वारा इस वेबसाइट पर अपनी खेत, फसल आदि के संबंध में जानकारी दी जाएगी।

जिसके अनुसार उसे सरकारी रेट मिल जाएगा। किसान इस फसल के लिए फिर 80 क्रय केंद्रों पर जाएगा और अपना गेहूं बेचेगा। यहां पर किसान अपना गेहूं लेकर आएगा। गेहूं देने के कुछ समय बाद ही किसान को खाते में भुगतान कर दिया जाएगा।

सहकारिता विभाग एवं खाद्य विभाग इस पूरे सिस्टम पर काम कर रहा है। एआर सहकारिता रविंद्र कुमार ने बताया कि सहकारिता विभाग द्वारा कुल 75 तथा चार खाद्य विभाग द्वारा गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए हैं।

किसान द्वारा इन क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेचा जाएगा। अगर, किसान पंजीकरण के लिए स्वयं के उपस्थित न होने पर संबंधित प्रपत्र पर परिवार के नामित सदस्यों की संख्या दर्ज करानी होगी। खाद्य एवं विपणन अधिकारी ने बताया, पिछले साल 69500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य दिया गया था।

ऐसे तो मंडी मंे ही बेचना पडेगा गेहूं


इस तरह की समस्याओं के चलते किसान परेशान घूम रहे हैं और उन्हें मंडी में 1650 के भाव में अपना गेहूं बेचना पड़ रहा है। गेहूं खरीद केंद्र जल्दी शुरू नहीं हुए तो ग्रामीण आंदोलन को मजबूर होंगे। गेहूं खरीद का दायित्व चार एजेंसियों को सौंपा गया है।

 

नारद संवाद

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