देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read Moreकेन्द्र सरकार ने म्युकोरमाइकोसिस के उपचार के लिए फंगल रोधी दवाई एम्फोटेरीसीन-बी की बढ़ती मांग के बीच इस दवा का उत्पादन बढ़ा दिया है। इस फैसले से म्युकोरमाइकोसिस के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। आपको बता दें, म्युकोरमाइकोसिस को ब्लैक फंगस के नाम से भी जाना जाता है। इससे ज्यादातर मधुमेह रोगी प्रभावित होते हैं, लेकिन वर्तमान में कोरोना संक्रमित रोगियों के ठीक होने के बाद उनमें यह रोग पाया जा रहा है।
सरकार ने निर्माताओं से की इस संबंध में बातचीत
रसायन और उर्वरक राज्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने इस दवाई की आवश्यकता और आपूर्ति की समीक्षा की है। उन्होंने कहा कि सरकार ने एम्फोटेरीसीन-बी के घरेलू उत्पादन और आयात को बढ़ाने के लिए विनिर्माताओं के साथ रणनीति बनाई है। उन्होंने आगे कहा कि इस दवा की आपूर्ति राज्यों को पहले से कई गुणा बढ़ाई गई है।
राज्य करें विवेकपूर्ण इस्तेमाल
केन्द्रीय मंत्री मंडाविया ने कहा कि दवा के वितरण और आपूर्ति के प्रबंधन की सक्षम प्रणाली तैयार की गई है और इसके भंडारण की समस्या भी जल्द से जल्द दूर कर दी जाएगी। उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए इस दवा का उपयुक्त इस्तेमाल किया जाए।
ब्लैक फंगस होने का क्या है कारण
आपको बता दें, हाल ही में केंद्र सरकार ने कोविड मरीजों में फंगल संक्रमण के प्रबंधन के बारे में परामर्श जारी किया है। परामर्श में कहा गया है कि फंगल संक्रमण म्युकोरमाइकोसिस मुख्य रूप से उन लोगों को होता है, जो कोविड का उपचार करा रहे हैं और बीमारियों से लड़ने की उनकी क्षमता कम हो गई है।
डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना मरीजों के इलाज में स्टेरॉयड का इस्तेमाल पहले से ही उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली मतलब इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकता है, जिसके परिणामस्वरूप ब्लैक फंगस होती है।
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