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BSNL और MTNL के संविदाकर्मियों के भुगतान ठेकेदारों की जिम्मेदारी : प्रसाद

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरुवार को संसद को बताया कि भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) के संविदाकर्मियों के भुगतान की जिम्मेदारी ठेकेदारों की है, न कि सरकारी टेलीकॉम कंपनियों की।

राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद डोला सेन द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में आईटी और टेलीकॉम मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि संविदा कर्मचारी न तो बीएसएनएल और न ही एमटीएनएल के कर्मचारी हैं।

प्रसाद ने कहा कि वे ठेकेदारों के अनुबंधित कर्मचारी हैं, जिन्हें किसी विशिष्ट उद्देश्य के लिए काम पर रखा जाता है, और उनकी नौकरी उनके अनुबंध के नवीनीकरण पर निर्भर होती है। हमें इससे कोई समस्या नहीं है, लेकिन श्रमिकों के बकाए का भुगतान करने की बाध्यता ठेकेदारों की है। दोनों कंपनियों के नियमित कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह पैकेज बहुत आकर्षक है। उन्होंने कहा, वीआरएस पैकेज बेहद आकर्षक है। इस बात का पता इसी बात से चलता है कि वीआरएस के लिए अभी तक बीएसएनएल में 79 हजार लोगों ने और एमटीएनएल के 20 हजार लोगों में से 14 हजार लोगों ने इसके लिए आवेदन कर दिया है।

 साभार-khaskhabar.com

 

 

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