BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

भारत जोड़ो यात्रा 3 से 6 दिसंबर के बीच राजस्थान में प्रवेश करेगी

जयपुर । राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' के 3 से 6 दिसंबर के बीच राजस्थान में प्रवेश करने की उम्मीद है, राज्य कांग्रेस प्रमुख गोविंद सिंह डोटासरा ने मंगलवार को संवाददाताओं से कहा कि यात्रा के लिए मार्ग एक या दो दिन में जारी कर दिया जाएगा। डोटासरा ने कहा- राहुल गांधी ने लोगों के सामने आने वाली चुनौतियों को साझा करने के लिए देश भर में 3,500 किलोमीटर से अधिक की यात्रा करने का फैसला किया है, राजस्थान में कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में यात्रा में शामिल होने के लिए उत्साहित हैं।

राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा के मीडिया प्रभारी विभाकर शास्त्री ने कहा कि स्वतंत्र भारत ने तीन प्रमुख यात्राएं देखी हैं- 50 के दशक में 'भूदान' आंदोलन के लिए विनोबा भावे की यात्रा, 1983 में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चंद्रशेखर द्वारा की गई पदयात्रा, और राहुल गांधी के नेतृत्व में भारत जोड़ो यात्रा, जो केंद्र की दोषपूर्ण नीतियों के बारे में लोगों को जागरूक कर रही है।

केंद्र पर हमला बोलते हुए शास्त्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महंगाई कम करने का वादा किया था, लेकिन उनके कार्यकाल में पेट्रोल की कीमतें 60 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 100 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं, जबकि रसोई गैस की कीमतें 400 रुपये से बढ़कर 1,000 रुपये हो गई हैं।

शास्त्री ने कहा, राहुल गांधी की यात्रा वास्तविक तथ्यों को उजागर कर रही है और इसलिए लोग उनका समर्थन कर रहे हैं।

साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More