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B.SPL: टुनटुन ने इस गायक को दी थी डूबने की धमकी, हासिल हुई सफलता

B.SPL: टुनटुन ने इस गायक को दी थी डूबने की धमकी, हासिल हुई सफलताक्या आपको मालूम है कि बॉलीवुड की पहली महिला हास्य कलाकार के बारे में? जिन्होंने अपने मोटापे और एक्टिंग से लोगों को जमकर हंसाया? आज भी जब कोई उनका नाम सुनता है तो चेहरे पर मुस्कान आ ही जाती है। शायद आपको नाम न याद आ रहा हो लेकिन आप उन्हें बहुत अच्छे से पहचानते जरूर हैं। हम बात कर रहे हैं टुनटुन की। टुनटुन को बॉलीवुड की पहली महिला हास्य कलाकार माना जाता है। एक भारतीय पार्श्वगायिका और हास्य अभिनेत्री थी। इनका असली नाम उमा देवी खत्री था। इन्हें अक्सर हिन्दी सिनेमा की पहली हास्य अभिनेत्री भी कहा जाता है। ये फिल्मों में उमादेवी के नाम से गाती थी। उमा देवी खत्री, का जन्म उत्तर प्रदेश के एक ग्रामीण पंजाबी परिवार में हुआ था। इनके माता पिता की मृत्यु इनके बचपन में ही हो गयी थी और इन्हे इनके चाचा ने पाला था। 

मोटापा बना हंसी का पात्र

मोटापे की वजह से समाज में मजाक का पात्र रहीं टुनटुन ने फिल्मी पर्दे पर अपने मोटापे को ही हथियार बना लिया और लोगों के दिलों-दिमाग पर छा गईं। टुनटुन ने अपने मोटापे और कॉमिक सेंस का गजब तालमेल बैठा कर लोगों को खूब हंसाया।

पहला गाना अब तक सबकी जुबां पर

13 वर्ष की आयु में ये घर से भाग कर मुंबई आ गयी थी और यह मुंबई में सीधे संगीत निर्देशक नौशाद अली के पास गयी थी। इन्होंने नौशाद अली से कहा था कि, वो गा सकती हैं और अगर उन्होंने उन्हें काम नहीं दिया तो वो सागर मे डूब कर जान दे देंगी। इसके बाद उन्होंने अपना पहला गाना गाया ‘अफसाना लिख रही हूं’। उनके पहले ही गाने ने बुलंदियों का आसमान छू लिया। आज भी उनका यह गाना लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है।

करीब 45 गीत

उन्होंने करीब 40-45 गाने गाए। इसके बाद आशा भोषले, लता मंगेश्कर और नूरजहां जैसी गायकार का दौर आ गया। इस दौरान उन्हें परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल हो गया। उन्होंने फिल्म जगत में एक अभिनेत्री के रूप में काम करना शुरू कर दिया। नौशाद ने उन्हें अपनी पहली फिल्म ‘बाबुल’ में बतौर अभिनेत्री मौका दिया। उन्होंने दो-तीन फिल्मों में ही अपनी अलग पहचान बना ली। बेशक उनका किरदार फिल्म में छोटा होता था, लेकिन लोगों के दिमाग में अपनी छाप छोड़ देती थी। उनका किरदार एकदम मस्तमौला, बेपरवाह वाला था। उन्होंने अपने किरदार से लोगों को खूब हंसाया।

200 से अधिक फिल्में

अपने फिल्मी कैरियर के दौरान इन्होंने लगभग 200 फिल्मों और उस समय के लगभग सभी प्रमुख हास्य अभिनेताओं जैसे कि भगवान दादा, आगा, सुन्दर, मुकरी, धूमल और जॉनी वॉकर के साथ काम किया। जिसमें से बाज, आर-पार, मिस कोका कोला, उड़न खटोला, मिस्टर एंड मिसेज 55, कभी अंधेरा कभी उजाला, मुजरिम, जाली नोट, एक फुल चार कांटे, राजहठ, बेगुनाह, उजाला, कोहिनूर, 12 ओ क्लॉक, दिल अपना प्रीत पराई, कश्मीर की कली, अक्लमंद, दिल और मोहब्बत, CID, एक बार मुस्कुरा दो, और अंदाज जैसी फिल्में शामिल हैं। इनकी आखरी फिल्म 1990 मे प्रदशित होने वाली हिन्दी फिल्म ‘कसम धंधे की’ थी। 24 नवंबर 2003 को इस मशहूर अभिनेत्री ने दुनिया को अलविदा कह दिया। बॉलीवुड में उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। 

साभार-khaskhabar.com

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