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नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर एनडीए में घमासान जारी है। केंद्र सरकार और टीडीपी के बीच इस मामले को लेकर विवाद अब काफी गहरा गया है। जहां केंद्र सरकार से नाराज तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के कोटे से मोदी कैबिनेट में शामिल दोनों मंत्री गुरुवार की सुबह इस्तीफा दे सकते हैं। वहीं, राज्य सरकार में बीजेपी कोटे के मंत्रियों ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। बीजेपी कोटे के मंत्रियों ने मुख्यमंत्री दफ्तर में जाकर अपना इस्तीफा सौंपा।
कामिनेनी श्रीनिवास और पायदिकोंडला मणिक्याला राव राज्य सरकार में मंत्री थे, जिन्होंने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। आपको बता दें कि केंद्र सरकार और टीडीपी के बीच आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने को लेकर विवाद था, जिसको लेकर बुधवार को मोदी सरकार ने ये साफ कर दिया है कि आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया जाएगा।
अमरावती में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा, हम बजट के दिन से इसकी मांग कर रहे हैं। लेकिन वह हमारी बातों पर कोई जवाब नहीं दे रहे। हमने चार सालों तक इंतजार किया। मैंने केंद्र को सभी तरीकों से समझाने की कोशिश की। नायडू ने कहा कि एक वरिष्ठ नेता होने के नाते मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर उन्हें अपना फैसला बताने की कोशिश की लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। इससे पहले पार्टी सांसदों ने गठबंधन से बाहर निकलने के संकेत दिए थे।
जेटली ने आंध्र के लिए विशेष राज्य के दर्जे को खारिज किया
आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने से वित्त मंत्री अरुण जेटली के इनकार किए जाने के बाद पार्टी सांसद नरामल्ली शिवप्रसाद ने कहा कि टीडीपी और बीजेपी के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच चुकी है और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू जल्द ही गठबंधन में बने रहने को लेकर फैसला लेंगे।
शिवप्रसाद ने कहा, इस बात की संभावना है कि आज या कल हमारे नेताओं की बैठक होगी और जल्द ही कोई फैसला लिया जाएगा। दोनों दलों के बीच स्थिति अब चरम पर पहुंच चुकी है और वह बता चुके हैं कि उन्हें क्या करना है और हम कह चुके हैं कि हमें क्या चाहिए। वहीं पार्टी के एक अन्य राज्यसभा संसद सीएम रमेश ने भी इस मसले को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी आंध्र प्रदेश पुनर्गठन एक्ट में मौजूद प्रावधानों का पालन नहीं कर रही है।
साभार-khaskhabar.com













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