BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

विप्र महाकुम्भ में उमड़ेगा विशाल जन सैलाब

विप्र महाकुम्भ में उमड़ेगा विशाल जन सैलाब
वृन्दावन(जहीर आलम)।  ब्राह्मणो के स्वाभिमान एवं अधिकारो को लेकर 5 सितंबर को होने जा रहे विप्र महाकुंभ की तैयारी जोरो पर है। ब्रज ही नही अन्य जनपद व प्रदेशो में जनसंपर्क चरम पर है। वही महाकुम्भ को  लेकर एक बैठक का आयोजन राष्ट्रीय विप्र स्वाभिमान महासंघ के बैनर तले रविवार को विश्व शांति सेवा धाम के सभागृह में किया गया। जिसमे समिति के पदाधिकारियों ने विप्र महाकुम्भ को लेकर जानकारी दी। समिति के सदस्य विजय शर्मा ने कहा की आगमी पांच तारीख को वृंदावन मे ब्रह्मण समाज का एक विशाल एकता विप्र महाकुंभ होने जा रहा है। जिसमे मथुरा के अलावा कई प्रदेशो और जिले के लगभग एक लाख ब्रह्मण भाग लेंगे और अपने समाज की एकजुटता का परिचय देंगे। वही पंडित आचार्य बद्रीश ने कहा की इस महाकुंभ मे समाज की उन सम्ष्याओ को रखा जाएगा जिनके कारण आज ब्रह्मण समाज का स्वभीमान और भविष्य दोनो खतरे मे है। जिसके वाद  कार्ष्णि नागेन्द्र महराज ने कहा की ये आयोजन किसी भी रजनीति से प्रेरित नही होगा और ना ही इसमे किसी रजनीतिक पार्टी की बुराई और खिलाफत होगी । इसमे सिर्फ ब्रह्मण बोलेगा और बाकी सब सुनेंगे। क्यूँ की यहां सब पार्टी के नेताओं के लिए कोई जगह नही सिर्फ जगह है तो ब्रह्मण के उत्थान की बात करने वाले ब्रह्मण समाज के लोगो के लिए। वही इस आयोजन मे हम अपनी मांगो को लेकर  पांच सूत्रीय मांग पत्र भी सौंपेंगे। इस अवसर पर आचार्य रामविलास चतुर्वेदी, पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ, सुधीर शुक्ला, अशोक शास्त्री, शशि शुक्ला , पंडित अशोक व्यास कृष्ण पाराशर, पंडित अभिषेक कृष्ण शास्त्री, पंडित चैतन्य किशोर कटारे, अनुपम गौतम, सी पी शर्मा, आशीष गुप्ता आदि उपस्थित रहे.

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More