देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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नई दिल्ली। अयोध्या के बहुप्रतीक्षित राममंदिर-बाबरी मस्जिद मामले में आज फिर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट इस विवाद पर लगातार सुनवाई की तारीख तय कर सकता है। उधर, एक न्यूज एजेंसी के मुताबिक, इस केस के पक्षकारों का कहना है कि अब सुप्रीम कोर्ट से ही उम्मीद है, इस मामले को और नहीं टाला जाना चाहिए, जल्द से जल्द निर्णय सुनाने की जरूरत है। आपको बता दें कि पिछली बार 1 फरवरी को इस मामले की सुनवाई हुई थी, तब वाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस और गीता सहित 20 धार्मिक पुस्तकों से इस्तेमाल किए तथ्यों का अंग्रेजी में ट्रांसलेशन न होने की वजह से सुनवाई टालनी पड़ी थी। तब सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए मार्च की तारीख तय की थी।
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सभी को वक्त देते हुए कहा था कि सभी पक्ष तैयार होकर आएं, अब सुनवाई नहीं टाली जाएगी। सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा था कि वह इस विवाद को जमीन विवाद के तौर पर देखेंगे, आस्था के विषय के रूप में नहीं देखेंगे। कोर्ट ने कहा था कि कोई नया पक्षकार इस मामले में और नहीं जोड़ा जाएगा। कोर्ट ने सभी पक्षों को दो हफ्ते में दस्तावेज तैयार करने का आदेश दिया।
साथ ही पीठ ने यह स्पष्ट किया कि उसका इरादा इस मामले को कभी भी रोजाना सुनने का नहीं रहा है। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली विशेष पीठ ने सुन्नी वक्फ बोर्ड तथा अन्य की इस दलील को खारिज किया था कि याचिकाओं पर अगले आम चुनावों के बाद सुनवाई हो।
साभार-khaskhabar.com













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