BREAKING NEWS

दिल्ली : राहुल गांधी ने शुरू की ‘सत्याग्रह’ पहल, लोगों से मांगी अन्याय के खिलाफ संघर्ष की कहानी || दिल्ली : नशीले पदार्थों की तस्करी के सरगना नवप्रीत सिंह का प्रत्यर्पण, केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया- 'मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि' || पटना : बाढ़ प्रभावित इलाकों में वायुसेना का राहत अभियान, हेलीकॉप्टरों से 10 टन सामग्री पहुंचाई गई || जोधपुर : केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को जन्मदिन पर बधाईयों का तांता, पीएम मोदी समेत नेताओं ने दी शुभकामनाएं || उत्तर प्रदेश : हापुड़ में मुठभेड़ के बाद पांच अपराधी गिरफ्तार, पुलिस ने 55 लाख के सामान से भरे कैंटर लूट की घटना को सुलझाया

बीएचयू में पूछे ट्रिपल तलाक, हलाला और खिलजी पर प्रश्न, छात्रों में विरोध

बीएचयू में पूछे ट्रिपल तलाक, हलाला और खिलजी पर प्रश्न, छात्रों में विरोधबनारस। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में स्नातकोत्तर (एमए) प्रथम सेमेस्टर के इतिहास के पेपर में ट्रिपल तलाक, हलाला और अलालद्दीन खिलजी को लेकर सवाल पूछे गए। इस तरह का पेपर तैयार करने से यूनिवर्सिटी के छात्र बहुत नाराज है। इतिहास के पेपर में प्रश्न कुछ इस तरह थे जैसे, जिल्ले अल्लाह क्या है?, इस्लाम में हलाला क्या है?, अलाउद्दीन खिलजी द्वारा नियत की गई गेहूं की क्या कीमत थी।

छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इस प्रकार के प्रश्नों को पूछकर एक विशेष तरह की विचारधारा को थोपने की कोशिश की जा रही है। साथ ही छात्रों का कहना है कि जो चीजें परीक्षा में पूछी गईं, उससे पहले इस प्रकार की चीजें पढ़ाई जानी चाहिए।

 

वहीं बीएचयू के सहायक प्रोफेसर राजीव श्रीवास्तव ने कहा, अगर छात्रों को इस प्रकार की चीजें नहीं बताई और पढ़ाई गई हैं, तो वे इसे कैसे जानते हैं? जब उन्हें मध्यकालीन इतिहास पढ़ाया जाता है, तो ये चीजें सामान्यत: इसका हिस्सा हो जाती हैं। साथ ही उन्होंने कहा, इतिहास को बिगाड़ा गया है, हमें उनको वास्तविक इतिहास को बताने के लिए चीजों को पढ़ाने की जरूरत है।

 

राजीव श्रीवास्तव ने कहा, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय बाल विवाह और सती प्रथा पर क्यों सवाल पूछते हैं? इस्लाम में भी कई बुराईयां हैं जिसे अवश्य उठाना चाहिए।

 

उन्होंने कहा, जब हम इस्लाम के इतिहास को पढ़ाते हैं, तो हमें इन चीजों को पढ़ाना ही पड़ेगा। संजय लीला भंसाली जैसे लोग छात्रों को इतिहास नहीं पढ़ा सकते हैं। इससे दो दिन पहले भी एमए राजनीति विज्ञान की परीक्षा में जीएसटी से कौटिल्य अर्थशास्त्र और मनु को वैश्वीकरण से जोड़ते हुए प्रश्न पूछा गया था। राजनीति विज्ञान के दो प्रश्न कुछ इस तरह थे- जैसे, मनु वैश्वीकरण के प्रथम भारतीय चिंतक हैं विवेचना कीजिए।, कौटिल्य अर्थशास्त्र में जीएसटी की प्रकृति पर एक निबंध लिखिए।

 

आपको बता दें कि बीएचयू के एमए इतिहास और राजनीति विज्ञान का प्रश्न पत्र सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है और लोग इसका मजाक उड़ा रहे हैं, जिसके कारण बीएचयू एक बार फिर चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इसके बावजूद बीएचयू प्रशासन अपनी राय का बचाव करते हुए दिख रहे हैं।

साभार-khaskhabar.com 

 

 

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More