देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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आंवला एक ऐसा फल है, जिसमं अनेक औषधी गुण पाए जाते हैं। आंवला अनेक बीमारियों से दूर रखने में हमारी मदद करता है, यह हमें कई रोगों बचता है। आवंला का नियमित सेवन करनेसे शरीर में विटामिन सी की कमी नहीं होती है, जिससे विटामिन सी की कमी से शरीर में विटामिन सी की कमी नहीं होती है, जिससे विटामिन सी की कमी से होनेवाली परेशानियां हमें नहीं सताती है। आंवला, कसैला, मधुर, शीतल, त्रिदोषनाशक होता है। यह अम्लरस के कारण वात को, मधर व शीतवीर्य के कारण पित्त को और रूक्ष तथा कषाय होनेे के कारण कफ को नष्ट करता है। इसलिए यह त्रिदोषनाशक है। इसके नियमित सेवन से आंखों की रोशनी बढती है। हृदय की कमजोरी : आधा भोजन करने के बाद 6-7 चम्मच ताजे आंवले का रस आधे ग्लास पानी में मिलाकर पीएं। फिर शेष भोजन करें। इस प्रकार 21 दिन तक करने से हृदय की कमजोरी दूर होती है। नकसीर : यदि नकसीर किसी प्रकार बंद न हो, तो ताजे आंवले का रस नाक मे टपकाएं, नकसीर बंद हो जाएगी। जिन्हें अक्सर नकसीर की शिकायत रहती है। उन्हें हर रोज आंंवले का सेवन या सिर पर आंवले का लेप करना चाहिए। मधुमेह : ताजे आंवले के रस में थोडा नमक मिलाकर पीने से मधुमेह कुछ महीने में ही ठीक हो जाता है। उल्टी: आंवले के रस मे चंदन या पीपर का चूर्ण डालकर शहद के साथ चाटने से उल्टी बंद होती है। रक्तस्राव : चोट लगने पर रक्तस्त्राव हो रहा हो, तो उस स्थान पर ताजे आंवले का रस लगाएं। इससे रक्त बहना बंद हो जाता है।
साभार-khaskhabar.com












