देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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रोहतक। दुष्कर्म के दोषी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करेंगे। सीबीआई अदालत ने डेरा प्रमुख को दुष्कर्म के दो मामलों में 20 साल के सश्रम कारावास व 30 लाख जुर्माने की सजा सुनाई है। डेरा प्रमुख के वकील एस.के. गर्ग ने संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने अदालत से निवेदन किया कि सजा सुनाने में उदारता बरती जाए क्योंकि दुष्कर्म के मामले पुराने हैं।
गर्ग ने कहा, हमने अदालत से निवेदन किया कि मामले में उदारता बरती जाए क्योंकि मामले 18 साल पुराने हैं और इस अवधि के दौरान दूसरे अन्य मामले नहीं हैं। उन्होंने अदालत से यह भी निवेदन किया कि राम रहीम के सामाजिक कार्यों पर विचार करते हुए उन्हें न्यूनतम सजा दी जाए। राम रहीम के वकील ने कहा हमने सीबीआई की विशेष अदालत को राम रहीम के स्वास्थ्य का हवाला दिया था।
साथ ही कहा था कि इन्होंने बहुत सारे भलाई के काम भी किए हैं। लेकिन, जज ने राम रहीम को 20 साल की सजा के साथ ही दोनों पीडि़तों को 14 लाख रुपये देने का फैसला सुनाया। उन्होंने कहा अब ऊपरी अदालत में फैसले को चुनौती दी जाएगी। डेरा प्रमुख राम रहीम को सोमवार को 20 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। राम रहीम को यह सजा अपनी दो साध्वियों के साथ दुष्कर्म व आपराधिक धमकी देने के मामले में दी गई।
साभार-khaskhabar.com













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