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शिमला। खाईकोट पुलिस थाने में गुड़िया गैंगरेप व हत्या के आरोपी सूरज की मौत को पुलिस दो आरोपियों में आपसी झड़प में हुई बता रही है। लेकिन सीबीआई को यह कहानी सच नहीं लगती। सीबीआई को इंटेरोगेशन के दौरान सूरज की मौत होने का शक है। सूत्रों की मानें तो सीबीआई को लगता है कि सूरज की हत्या नहीं बल्कि उसकी मौत इंटेरोगेशन के दौरान हुई है और सीबीआई टीम इसी दिशा में जांच कर रही है। इसी क्रम में सीबीआई टीम ने एएसपी भजन देव नेगी व डीएसपी रतन नेगी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों से कड़ी पूछताछ की। अगर इस मामले में सीबीआई को कुछ सुराग मिलते हैं तो शिमला के पुलिस अधिकारी इस मामले में फंस सकते हैं। हालांकि सीबीआई ने पूरी तरह से अपने पत्ते नहीं खोले हैं और न ही कुछ बोला है।अब सीबीआई टीम आईजीपी हूर एच जैदी, शिमला के पूर्व एसपी डीडब्ल्यू नेगी समत कोटखाई पुलिस थाना के निलंबित एसएचओ, संतरी, मुंशी और लाइन हाजिर किए गए इस थाना के स्टाफ से भी पूछताछ करेगी। मृतक सूरज की पत्नी के बयान भी लिए जा सकते हैं। बताया जाता है कि सूरज की मौत की खबर उसकी पत्नी को खुद पुलिस ने दो दिन बाद दी थी। अगर यह बात सच साबित होती है तो सीबीआई टीम इस एंगल की भी जांच करेगी।
आपको बता दें कि बुधवार को सीबीआई ने गुड़िया मामले में अपनी स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की थी। सीबीआई ने जांच के लिए 3 महीने का समय मांगा था जिसे हाईकोर्ट ने ठुकरा दिया और अपनी फाइनल रिपोर्ट 17 अगस्त तक पेश करने को कहा है। ऐसे में सीबीआई टीम ने अपनी जांच तेज कर दी है। लेकिन जिस तरह से घटनाक्रम चल रहा है और जो पुलिस ने कहानी बताई है, उससे कुछ अलग कहानी सामने आ सकती है।
साभार-khaskhabar.com













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