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चेन्नई। उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में परचम लहराने के बाद अब बीजेपी का अगला टारगेट दक्षिण भारत है। सूत्रों के अनुसार एआईएडीएमके जल्द ही एनडीए में शामिल हो सकती है। इसी हफ्ते एआईएडीएमके बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए में शामिल होने जा रही है। ज्ञात रहे कि देश की लोकसभा में सांसदों के लिहाज से बीजेपी और कांग्रेस के बाद एआईएडीएमके सबसे बडी पार्टी है।
आपको बता दें कि एआईएडीएमके के लोकसभा में 37 सांसद है। वहीं राज्यसभा में 13 सांसद है। एआईएडीएमके ने तमिलनाडु में लगातार दूसरी बार सरकार बनाई है। राज्य में 234 विधानसभा सीटों में से 130 सीटें एआईएडीएमके के पास है। इस बीच तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ईपीएस पलानीसामी ने मंगलवार को पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई है।
वहीं, दूसरी तरफ बीजेपी के वरिष्ठ नेता और शीर्ष केंद्रीय मंत्री इस सिलसिले में एआईएडीएमके नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। सूत्रों की माने तो एआईएडीएमके को एनडीए का हिस्सा बनाने पर विचार चल रहा है।आपको बता दें कि बीजेपी दक्षिण भारत की सत्ता से बाहर है। उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में परचम लहराने के बाद अब बीजेपी का टारगेट साउथ इंडिया है। ऐसे में तमिलनाडु उसके लिए सबसे बेहतर और आसान लक्ष्य नजर आ रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके महासचिव जे. जयललिता की मौत के बाद तमिलनाडु में सत्ता संघर्ष चल रहा है। पार्टी दो भागों में बंट चुकी है। शशिकला के जेल जाने के बाद पलानीसामी को सीएम बनाया गया है। जबकि पन्नीरसेल्वम पहले ही बगावत के सुर आम कर चुके हैं।
ऐसे में बीजेपी एआईएडीएमके के जरिए दक्षिण में दखल करने की फिराक में है। बताया जा रहा है कि मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार भी इसीलिए नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक अगस्त में मोदी कैबिनेट का विस्तार संभव है, जिसमें एआईएडीएमके को शामिल किया जा सकता है।
साभार-khaskhabar.com













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