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नई दिल्ली। बिहार में महागठबंधन टूटने से जेडीयू में भी कुछ नेता नीतीश कुमार से नाराज हैं। ज्ञातव्य है कि शरद यादव भी महागठबंधन टूटने से नाराज शरद यादव पहली बार मीडिया के सामने आए हैं। सोमवार को संसद के बाहर शरद यादव ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि बिहार की जनता ने हमे बीजेपी के साथ आने के लिए जनादेश नही दिया था। शरद यादव ने कहा कि उन्हें महागठबंधन टूटने का अफसोस है। साथ ही उन्होंने कि बिहार में जो कुछ हुआ, वह उससे सहमत नहीं हैं। शरद यादव ने कहा कि जो परिस्थिति है, वह अप्रिय है। देश की, बिहार की 11 करोड जनता के लिए यह ठीक नहीं है। बिहार में हुए फैसले को शरद यादव ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया। ज्ञातव्य है कि बिहार में नीतीश कुमार ने आरजेडी और कांग्रेस का गठबंधन तोडकर बीजेपी के साथ सरकार बना ली है।
शरद यादव व कुछ अन्य नेता नीतीश के इस फैसले से नाराज हैं। शरद यादव के अलावा पार्टी के राज्यसभा सासंद अली अनवर भी नीतीश कुमार के फैसले से नाराज हैं। अली अनवर ने महागठबंधन टूटने को राष्ट्रीय आपदा बताया था। वहीं रविवार को सीपीआई के नेता डी राजा ने शरद यादव से दिल्ली में उनके आवास पर मुलाकात भी की थी। ज्ञातव्य है कि डी राजा वामपंथी से पहले सीताराम येचुरी भी शरद यादव से मुलाकात कर चुके हैं। शरद यादव से मुलाकात के बाद डी राजा ने पत्रकारों से कहा था कि वह नीतीश कुमार के फैसले से खुश नहीं हैं।
ज्ञातव्य है कि महागठबंधन टूटने के बाद शरद यादव ने सोशल मीडिया पर भी बीजेपी पर निशाना साधा। शरद यादव ने सोशल मीडिया पर काले धन और पनामा पेपर्स को लेकर की मोदी सरकार पर हमला बोला। शरद यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि बीजेपी ने काले धन को वापस लाने का वादा पूरा नहीं किया। साथ ही उन्होंने लिखा कि पनामा पेपर्स में सामने आए भारतीयों के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
साभार-khaskhabar.com













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