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लखनऊ। यूपी विधानसभा में विस्फोटक मिलने के बाद से राजनीतिक हडकंप मचा हुआ है। योगी आदित्यनाथ ने भी इसके पीछे साजिश की आशंका जताई है। एनआईए और एटीएस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। कल देर रात एनआईए और एटीएस की टीमें विधानसभा पहुंची। देर रात दोनों टीमों ने विधानसभा का चप्पा-चप्पा खंगाला और वहां की सीसीटीवी फुटेज भी अपने कब्जे में ले ली है। गौरतलब है कि 12 जुलाई को यूपी विधानसभा के चालू सत्र में पीईटीएन पाउडर की पुडिया मिली थी।
पीईटीएन एक विस्फोटक है जो कि दुनिया के पांच सबसे खतरनाक विस्फोटकों में से एक है। यह विस्फोटक विधासभा में उस जगह मिला, जहां समाजवादी पार्टी के विधायक बैठते हैं। कल सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुरक्षा में हुई इस चूक को लेकर आनन फानन में कई बडे कदम उठाए। अब एनआईए और एटीएस मिलकर इस मामले की जांच कर रहे हैं।
विधायक भी शक के घेरे में
पुलिस का मानना है कि विधानसभा के अंदर विस्फोटे ले जाने में 403 विधायक, मार्शल, सुरक्षाकर्मी या चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों में से ही कोई शामिल है। डीजीपी का कहना है कि विधानभवन के मंडप तक जाने की इजाजत सिर्फ इन्हीं लोगों को है। इनके अलावा वहां कोई और नहीं जा सकता है। इसलिए ये सभी जांच के दायरे में हैं। एटीएस ने विधानसभा की सीसीटीवी फुटेज को कब्जें में लेकर जांच शुरू कर दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जिस सीट के पास में विस्फोटक मिला है, उस सीट और उसके आसपास की सीटों पर बैठने वाले माननीयों की सीसीटीवी फुटेज से पहचान की जा रही है। जरूरत पडने पर इनसे पूछताछ भी की जाएगी। ज्ञातव्य है कि जिस सीट के नीचे विस्फोटक मिला था, वहां समाजवादी पार्टी के विधायक मनोज पाण्डेय बैठे थे।
साभार-khaskhabar.com













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