देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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नई दिल्ली । दाएं हाथ के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने कुछ समय में ही अपनी खास पहचान बना ली है। 23 वर्षीय बुमराह 16 वनडे में 26 और 24 टी20 मुकाबलों में 33 विकेट झटक चुके हैं। बुमराह हाल ही इंग्लैंड में आयोजित चैंपियंस ट्रॉफी में भी टीम इंडिया का हिस्सा थे।
हालांकि उन्हें वेस्टइंडीज दौरे के लिए आराम दिया गया है। अजीबोगरीब एक्शन के साथ गेंदबाजी करने वाले बुमराह आईपीएल में मुंबई इंडियंस की ओर से खेलते हैं और वे साथी गेंदबाज लसिथ मलिंगा की जैसे धीरे-धीरे स्लोअर और यॉर्कर गेंदों के महारथी बनते जा रहे हैं।
बुमराह ने अपनी प्रतिभा के दम पर अच्छी कमाई कर ली है, लेकिन उनके दादा की हालत जानकर शायद आपको अच्छा नहीं लगे। दरअसल उधमसिंह नगर (उत्तराखंड) में रहने वाले बुमराह के दादा संतोख सिंह बुमराह 84 साल की उम्र में टैंपो चलाकर दो जून की रोटी जुटाने को मजबूर हैं। वे अपने दिव्यांग बेटे के साथ किराये के मकान में रहते हैं।
पिता की मौत के बाद जसप्रीत और उनकी मां दलजीत परिवारिक कारणों से संतोख सिंह से अलग हो गए थे। वे फिर कभी दादा से नहीं मिले। दलजीत तब स्कूल में प्रिंसीपल थीं। संतोख कहते हैं कि मेरी यह दुआ है कि पोता क्रिकेट के खेल में खूब तरक्की करे और देश का नाम रोशन करे। मेरी आखिरी तमन्नाा है कि एक बार अपने पोते को गले लगा सकूं।
जानकारी के अनुसार संतोख सिंह वैसे अहमदाबाद के रहने वाले हैं, जहां उनके फैब्रिकेशन के तीन कारखाने थे। वर्ष 2001 में पीलिया के कारण उनके बेटे और जसप्रीत के पिता जसवीर सिंह का निधन हो गया। इसके बाद से उनकी आर्थिक स्थिति बिगडऩे लगी थी।
साभार-khaskhabar.com













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