देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
Read More
के.डी. मेडिकल कालेज-हास्पिटल में इलाज की समुचित व्यवस्था
न्यूनतम दरों पर होती हैं जांच
मथुरा। बारिश का मौसम शुरू हो गया है। हवा में नमी और उमस होने के चलते आप फंगस, वैक्टीरिया व वायरल जैसे रोगों का शिकार हो सकते हैं लिहाजा सावधानी बरतें तथा इस तरह की कोई भी परेशानी होने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें। अगर समय रहते इलाज न किया जाए तो इनके गम्भीर रोगों में तब्दील होने की आशंका रहती है। दूसरा इस मौसम में मच्छरों के साथ-साथ कई छोटे-मोटे कीड़ों के काटने से भी कई बार त्वचा में खुजली व जलन होनी शुरू हो जाती है। के.डी. मेडिकल कालेज-हास्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के चर्मरोग विशेषज्ञ डॉ. हर्ष शर्मा का कहना है कि इस मौसम में हवा में नमी होने के कारण चमड़ी रोग होते हैं। इनमें फंगस, वैक्टीरिया व वायरल जैसे इंफेक्शन के साथ ही फोड़े-फुंसी, दाद-खाज-खुजली, पैरों की उंगलियों का अंदर से गलना, घमौरियां जैसे चमड़ी रोग प्रायः होते हैं। डॉ. हर्ष शर्मा की सलाह है कि बरसात में गीले कपड़े न पहनें, बारिश व पसीने से भीगने वाले कपड़े तुरंत बदलें तथा अंदरूनी कपड़े भी रोज बदलें। शरीर को सूखा रखें। गंदे व बरसाती पानी से परहेज करें। शरीर की साफ-सफाई के साथ ही खान-पान पर विशेष ध्यान दें। किसी तरह का कोई भी त्वचा रोग खुजली, जलन, फंगस, त्वचा में खिंचाव, फुंसी आदि होने पर चर्म रोग विशेषज्ञ से तुरंत परामर्श लें। आर.के. एजूकेशन हब के चेयरमैन डा. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल और कालेज की प्राचार्य डा. मंजुला बाई कोडागन्नूर ने हाकिम के स्वस्थ होने पर खुशी जताते हुए कहा कि के.डी. मेडिकल कालेज-हास्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर का उद्देश्य धनार्जन नहीं बल्कि मथुरा जनपद और उसके आसपास के जिलों के लोगों को पूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्रदान करना है।













Related Items
देश में 2014 के बाद यूजी और पीजी की मेडिकल सीटें बढ़ीं : केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री
केंद्र सरकार का बड़ा फैसला : मेडिकल कोर्स में OBC को 27% और EWS को 10% आरक्षण
अब वह दिन दूर नहीं, जब देश में मेडिकल हब बनकर चमकेगा UP का नाम