BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

बिहार : तेजप्रताप के पेट्रोल पंप लाइसेंस रद्द पर अदालत की रोक

बिहार : तेजप्रताप के पेट्रोल पंप लाइसेंस रद्द पर अदालत की रोकपटना । बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव के पेट्रोल पंप का आवंटन शनिवार सुबह रद्द करने के भारतीय पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड के फैसले पर स्थानीय अदालत ने अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने भारतीय पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। बताया जा रहा है कि प्रभारी अवर न्यायाधीश ग्यारह जावेद अहमद खान ने मंत्री तेजप्रताप यादव की ओर से दाखिल किए गए टाइटल सूट में अलग से दाखिल निषेधाज्ञा आवेदन पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया है। 

इसके साथ ही स्थानीय अदालत ने भारतीय पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड को पेट्रोल आवंटन के मामले में 23 जून 2017 तक यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया है। तेजप्रताप यादव के वकील एस.डी. यादव ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया, ‘उप न्यायाधीश 11, पटना ने एक आदेश जारी किया है, जिसमें बीपीसीएल के एकपक्षीय आदेश पर अस्थायी रोक लगाई गई है।’ तेजप्रताप यादव राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालूप्रसाद यादव के बड़े बेटे हैं।

बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया था कि अनीसाबाद बाईपास रोड पर जिस जमीन पर पेट्रोल पंप है, उसके असली मालिक तेज प्रताप यादव नहीं हैं। इस आरोप के मद्देनजर, बीपीसीएल ने 29 मई को तेज प्रताप को कारण बताओ नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा था। यह नोटिस बीपीसीएल (पटना) के क्षेत्रीय प्रबंधक (खुदरा) मनीष कुमार ने भेजा था। शिकायत में कहा गया है कि तेज प्रताप ने गलत जानकारी देकर पेट्रोल पंप लिया। उन्हें नोटिस का जवाब देने के लिए 15 दिन का वक्त दिया गया, जो बीत गया।

तेज प्रताप ने साल 2012 में लाइसेंस के लिए आवेदन दिया था और इस साल 27 फरवरी को लाइसेंस जारी कर दिया गया, जो एम/एस लारा ऑटोमोबाइल्स के नाम पर था, जिसके मालिक तेज प्रताप हैं। शिकायत के मुताबिक, मंत्री ने आवेदन में गलत सूचना दी कि जमीन उनके नाम पर है। जमीन का असली मालिक एम/एस ए.के.इंफोसिस्टम्स है, जिसने कभी तेज प्रताप को अपनी जमीन लीज पर नहीं दी।  

साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More