देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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पुष्कर । पवित्र सरोवर में पानी की मात्रा कम होने से मछलियों के मरने का सिलसिला बढ़ गया है। तेज गर्मी में गर्म जल से अन्य़ जलीय जीव जंतु भी मरने लगे हैं। सरोवर में बीसलपुर से पानी दिया जा रहा है जिससे जलस्तर घट गया है। पालिका स्तर पर सरोवर के जल की सतह पर तैरती मृत मछलियों को बाहर निकालकर अन्यत्र दफनाया गया। वर्तमान में सरोवर में औसतन जलस्तर घटकर करीब पांच फीट तक रह गया है। तेज गर्मी पडऩे के साथ ही सरोवर का जल तेजी से गर्म होने के कारण मछलियों का जीवन संकट में पडऩे लगा है। इसके अलावा स्नान को आने वाले श्रद्धालु धर्म के नाम पर जल में प्रतिबंधित खाद्य सामग्री भी सरोवर में डाल रहे हैं, इससे जल प्रदूषण दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। मछलियों के मरने का यह भी एक मुख्य कारण माना जा रहा है।पालिकाकर्मी फतेह सिंह गौड़ के अनुसार शनिवार को करीब तलासिया प्रजाति की 70 तथा मुंंगेर प्रजाति एक वजनी मछली ने दम तोड़ दिया, इसके अलावा दो सर्प भी मरे हुए मिले हैं। सभी जलचरों को पालिकाकर्मियों ने बाहर निकालकर दफना दिया है। पालिका स्तर पर सरोवर के जल को शुद्ध करने के लिए 10 क्विंटल चूना डाला गया है।बंद है बीसलपुर का पानीसरोवर में जलीय जीवों को बचाने के साथ-साथ प्रदूषण कम करने के प्रयास में बीसलपुर का पानी डालना शुरू किया था लेकिन पुष्कर मेले के बाद इस लाइन से पानी डालना बंद कर दिया गया है।
साभार-khaskhabar.com













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