देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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कोलकाता । नारद स्टिंग ऑपरेशन में दर्जन भर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज की है जिसे ममता बनर्जी ने राजनीतिक खेल बताया है और कहा कि इसका जवाब वह राजनीतिक स्तर पर लडाई लडके ही देंगी।
गुरूवार को ओडिशा के पुरी में उन्होंने एक प्रेस वार्ता में इस लडाई की उद्घोषणा कर डाली। उनका आरोप है कि बीजेपी हिंदुवाद पर एक धब्बा है, क्षेत्रीय पार्टियों को एकजुट होना होगा और शुक्रवार को वह शायद ओडिशा के मुख्यमंत्री से भी मिलेंगी। वहीं कोलकाता में कपडा मंत्री स्मृति ईरानी ने भी बनर्जी पर हमला करते हुए कहा, मैं उस राज्य में हूं जहां एक महिला मुख्यमंत्री हैं। तो जब हम न्याय की बात कर रहे हैं तो मैं जानना चाहूंगी कि ममता दीदी का ट्रिपल तलाक पर क्या कहना है।
हालांकि बनर्जी ने इस मुद्दे पर अपनी राय सामने नहीं रखी है। ईरानी का यह सवाल बीजेपी के ममता बनर्जी पर लगाए जाने वाले अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की तरफ इशारा करता है। इधर ममता बनर्जी के पुरी के जगन्नाथ मंदिर में दर्शन के दौरान बजरंग दल और बीजेपी के युवा कार्यकर्ताओं ने ममता वापस जाओ के नारे लगाए। प्रदर्शकारियों ने ममता के मंदिर में जाने पर इसलिए विरोध जताया क्योंकि वह कथित तौर पर बीफ के सेवन का समर्थन करती हैं। बुधवार को पांच लोगों को हिरासत में लिया गया है।
ममता बनर्जी ने इन आरोपों का जवाब देते हुए कहा है कि ओए दिल्लीवालों, आपसे दिल्ली संभलती नहीं और आप देश भर में कहते फिरते हैं कि बंगाल, ओडिशा और बिहार बुरे हैं। हम सब बुरे हैं, बस आप ही अच्छे हैं। अपनी बात पूरी करते हुए ममता ने कहा,सभी क्षेत्रीय पार्टियों को एकजुट होने की जरूरत है। अगर बीजेपी हमें परेशान करेगी तो क्या हम चुपचाप बैठकर तमाशा देखेंगे। हम उनके इलाकों में जाएंगे। ममता ने यह भी कहा था कि मैं एक हिंदू हूं लेकिन मेरा हिंदुत्व, हिंदूवाद के लिए अपमान नहीं है। बीजेपी तो हिंदू धर्म पर एक धब्बा है। उनकी राजनीति फूट डालो और राज करो है।
फेसबुक पर भी बनर्जी ने गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा,धार्मिक संगठन का एक हिस्सा जो कि केंद्र में शासित राजनीतिक पार्टी से ताल्लुक रखता है और जिसके कई अन्य संस्थाएं भी हैं, मेरे विचारों को तोड मरो़डकर प्रस्तुत कर रही हैं, वह फेक अकाउंट के जरिए मेरी तस्वीरों के साथ लोगों को भ्रमित कर रही है।
बीजेपी और तृणमूल के बीच साठगांठ... नारद स्टिंग के बाद वामदलों ने दावा किया गया है कि बीजेपी और तृणमूल के बीच साठगांठ है। हालांकि स्मृति ईरानी ने इसे पूरी तरह खारिज किया है और बनर्जी के आरोपों से जाहिर होता है कि दोनों पार्टियों के बीच तनाव बढ रहा है। देखना होगा कि अगले हफ्ते बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के बंगाल दौरे में यह तनाव क्या मोड लेता है। भुवनेश्वर में हालिया हुई बीजेपी कार्यकारिणी बैठक में पार्टी ने राज्य में चार साल बाद होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मिशन बंगाल 2021 की घोषणा की है।
साभार-khaskhabar.com













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