BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

सिद्धू शो नहीं छोड़ने पर अड़े, बदल सकता है विभाग

सिद्धू शो नहीं छोड़ने पर अड़े, बदल सकता है विभागअमृतसर । पंजाब के स्थानीय निकाय, पर्यटन व सांस्कृतिक मंत्रालय का पद संभालने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू कॉमेडी शो करने की बात पर अड़े हुए है। सिद्धू इसे अपना हक बता र‍‍हे हैं। उनका कहना है कि टीवी शो न करू़ं तो क्‍या भ्रष्‍टाचार और पंजाब का पेट काटकर अपना व परिवार का पेट भरूं। 

बुधवार को कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने दिल्‍ली मेंं कहा कि यदि सिद्धू का वैधानिक रूप से किसी टीवी शो का हिस्सा लेने में दिक्‍कत नहीं है तो हमें इस पर कोई आपत्ति नहीं है। इसके साथ उन्‍होंने सिद्धू का विभाग बदलने के संकेत भी दिए। उन्‍होंने कहा कि अगर वैधानिक रूप से जरूरी हुआ तो सिद्धू का संस्कृति मंत्रालय का विभाग बदला जा सकता है। 

वहीं, गुरुनगरी पहुंचे नवजोत सिंह सिद्धू के तेवर खासे गरम रहे। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से उनके टीवी शो करने पर एडवाकेट जनरल से मांगी गई कानूनी राय पर उन्होंने दो टूक कहा कि मैं शो न करूं तो क्या पंजाब का पेट काटकर अपना भरूं या फिर सुखबीर सिंह बादल की तरह रोडवेज को खत्म करके बसें चलाऊं। सुबह से शाम तक भ्रष्टाचार करूं।`

सिद्धू ने कहा, `जो वकील है वो वकालत करता है। कल ही वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने स्पष्ट किया है कि वह किसान हैं और खेती करते हैं। बतौर मंत्री मैं आईपीएल नहीं करूंगा। 75 फीसदी टीवी शो मैं पहले ही छोड़ चुका हूं। अगर महीने में चार दिन रात को सात बजे के बाद सुबह छह बजे तक मैं कुछ करता हूं तो किसी को पेट में दर्द क्यों होता है। 

साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More