देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि
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पानीपत। प्रदेश में गुरुवार को तेज बारिश के साथ गिरे ओलों ने फसलों को खासा नुकसान पहुंचाया है। इसके चलते गेहूं, सरसों व सब्जी की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। सुबह से दोपहर तक बादलों के बीच सूर्यदेव की लुकाछिपी चलती रही। इसके बाद तेज हवाओं और बारिश के बीच ओले गिरे। शाम 4 से 5 बजे के बीच हिसार, भिवानी, सिवानी, पानीपत, करनाल के कुछ इलाकों में बारिश के साथ 6 एमएम साइज के ओले भी गिरे। दोपहर तक चली बादलों की लुकाछिपी के बाद करीब 3 बजे कई जिलों में काली घटाएं छा गई और 55 किमी प्रति घंटा की गति से तेज आंधी चलने लगी। सोनीपत, रोहतक में बारिश शुरू हो गई, जो एक घंटे चली। सोनीपत में सबसे ज्यादा 12 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं, रेवाड़ी, जींद सहित कई जिलों में बूंदाबांदी हुई। तेज हवा के साथ बारिश के कारण गेहूं-सरसों की फसलें खेतों में बिछ गईं। ओलों से गेहूं व सरसों के साथ सब्जी की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। बारिश से करनाल में अधिकतम तापमान सामान्य से 4 और न्यूनतम तापमान 1 डिग्री कम रहा। करनाल में दिन का पारा 24.5 और रात का 11.4 डिग्री दर्ज किया गया। हिसार में नागोरी गेट के पास स्थित हनुमान मंदिर पर आसमानी बिजली गिरने से मंदिर के गुंबद में छेद हो गया। मौसम विभाग के अनुसार सोनीपत में 12, गोहाना में 6, भिवानी में 5, गन्नौर में 3, रोहतक में 9, महम में 2, पानीपत में 1.6 व हिसार में 1.2 एमएम बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अगले 24 घंटे में तेज बारिश हो सकती है व ओले गिर सकते हैं।
साभार-khaskhabar.com













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