BREAKING NEWS

मीडियाभारती वेब सॉल्युशन अपने उपभोक्ताओं को कई तरह की इंटरनेट और मोबाइल मूल्य आधारित सेवाएं मुहैया कराता है। इनमें वेबसाइट डिजायनिंग, डेवलपिंग, वीपीएस, साझा होस्टिंग, डोमेन बुकिंग, बिजनेस मेल, दैनिक वेबसाइट अपडेशन, डेटा हैंडलिंग, वेब मार्केटिंग, वेब प्रमोशन तथा दूसरे मीडिया प्रकाशकों के लिए नियमित प्रकाशन सामग्री मुहैया कराना प्रमुख है- संपर्क करें - 0129-4036474

गुरमेहर के दादा का छलका दर्द- मुझे पोती की चिंता नहीं, ...वे इसे मार ही देंगे ना

गुरमेहर के दादा का छलका दर्द- मुझे पोती की चिंता नहीं, ...वे इसे मार ही देंगे नानई दिल्ली । गुरमेहर कौर मामले को लेकर मचे बवाल के बीच उनके दादा खुलकर अपनी पोती के समर्थन में आ गए हैं। उनके दादा कंवलजीत सिंह ने अपनी पोती का बचाव करते हुए कहा कि मेरी पोती ने ऐसी कोई बात नहीं की जो देश के खिलाफ हो। मेरी पोती सिर्फ 21 साल की है और लोग जाने क्या-क्या बहस कर रहे हैं। एक सांसद और एक मंत्री ने भी बोल दिया कि यह देशद्रोह का काम है। उन्होंने कहा- मुझे अपनी पोती की चिंता नहीं है, अधिक से अधिक वे इसे मार ही देंगे ना। पहले भी अपना बेटा करगिल युद्ध के दौरान खो चुका हूं। मेरा बेटा 26 दुश्मनों को मारने के बाद शहीद हुआ था। जब यह घटना हुई थी उस वक्त भी सरकार बीजेपी की थी। हमसे कई तरह के वादे किए गए थे जो पूरे नहीं हुए और आज जब मेरी पोती को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है तब भी सरकार बीजेपी की है।

कंवलजीत सिंह ने न्यूज चैनल एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि गृह राज्यमंत्री किरेन रिजिजू ने गुरमेहर को लेकर बहुत गलत बयान दिए हैं, उन्हें ऐसा नहीं बोलना चाहिए। हमें बहुत तकलीफ हुई। काम सही होना चाहिए चाहे वह कांग्रेस की सरकार हो या बीजेपी की। जब से बीजेपी ने सर्जिकल स्ट्राइक की है तबसे कितने जवान शहीद हुए हैं? क्या ये एक के बदले दस सिर लाए हैं?

गुरमेहर की सुरक्षा पर बोले- चार बॉडीगार्ड दिए हैं पर वे भी उन्हीं के आदमी हैं दादा कंवलजीत सिंह ने गुरमेहर की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि चार बॉडीगार्ड दिए हैं, लेकिन सिक्योरिटी वाले भी उन्हीं के आदमी है। मैं चाहता हूं कि सब कुछ शांत हो जाए। विश्वविद्यालयों में जो झगड़े हो रहे हैं, वे नहीं होने चाहिए।

इस मामले में अब कांग्रेस के नेता शशि थरूर का बयान सामने आया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया शेयर की है जिसमें उन्होंने लिखा है कि मैं अपने क्रिकेट के हीरो वीरेंद्र सहवाग की इस मामले को लेकर की गई टिप्पणी से बेहद निराश हूं। गौरतलब है कि वीरेंद्र सहवाग ने कहा था कि मैंने दो तिहरे शतक नहीं लगाए हैं, बल्कि मेरे बैट ने लगाए हैं। वीरेंद्र सहवाग ने यह टिप्पणी गुरमेहर के उस स्टेटस पर की थी, जिसमें गुरमेहर ने कहा था कि उनके पिता को पाकिस्तान नहीं मारा, बल्कि युद्ध ने मारा है। दरअसल, गुरमेहर के पिता करगिल के युद्ध में शहीद हुए थे।

इससे पहले मंगलवार को दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा गुरमेहर कौर ने एबीवीपी के खिलाफ विरोध मार्च से हटते हुए उन्हें अकेले छोड़ देने का अनुरोध किया और वह अपने परिवार के पास जालंधर चली गईं। एबीवीपी के खिलाफ अपने सोशल मीडिया अभियान को लेकर विवाद छिडऩे के बीच उनका यह फैसला आया। उनके अभियान के चलते उन्हें बलात्कार की कथित धमकियां मिलीं। यहां तक कि केंद्रीय मंत्री भी विवाद में कूद पड़े।

लेडी श्रीराम कॉलेज की छात्रा कौर ने सिलसिलेवार ट्वीट में अपने फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने काफी कुछ झेला है और ‘20 साल की उम्र में मैं इतना ही बर्दाश्त कर सकती हूं।’ इससे पहले कौर ने लोगों से अनुरोध किया था कि यदि शहीद की बेटी के रूप में उनकी पहचान से लोगों को परेशानी हो रही है तो वे इस रूप में उन्हें नहीं पहचानें। वह कैप्टन मंदीप सिंह की बेटी हैं। सिंह जम्मू कश्मीर में 1999 में एक आतंकवादी हमले में मारे गए थे।

साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्वतंत्रता सेनानी पं. हुकम सिंह गौतम की पुण्यतिथि मनाई

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

पुरानी कहावत और नया भारत

Read More