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सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल स्टॉफ समेत शिक्षा विभाग में मर्ज होंगे

सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल स्टॉफ समेत शिक्षा विभाग में मर्ज होंगेचंडीगढ़ । हरियाणा के सभी सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के स्टॉफ को हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन करने को सरकार ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। सोमवार को चंडीगढ़ में इस बारे में जानकारी देते हुए हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के स्टॉफ को हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन करने के लिए ‘हरियाणा वॉलंट्री स्टेट एजूकेशन सर्विस रूल्स,2017’ को स्वीकृति दे दी है। सरकार के निर्णय से उक्त स्कूलों के 2200 कर्मचारी अब हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन होंगे तथा इससे सरकार पर करीब 1100 करोड़ का भार पड़ेगा। शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में काम करने वाले शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक कार्यों से जुड़े कर्मचारी पिछले कई वर्षों से हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के अधीन किए जाने की मांग करते आ रहे थे परंतु किसी भी सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया। प्रदेश में वर्तमान सरकार ने कार्यभार संभालते ही उनकी जायज मांगों पर कार्रवाई शुरू कर दी और अब सरकार ने उनको अपने अधीन करने का निर्णय ले लिया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के इस निर्णय से सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को फायदा होगा। शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि अब प्रदेश के सभी सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों को भी ‘फ्री वाई-फाई कैंपस’ बनाया जाएगा। इससे कैशलेस ट्रांजेक्शन को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे पहले राज्य सरकार ने सरकारी महाविद्यलयों में यह सुविधा देने के निर्देश दिए थे।सरकारी महाविद्यालयों फ्री वाई-फाई कैंपस उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि हरियाणा के उच्चतर शिक्षा विभाग से संबंधित सभी सरकारी महाविद्यालयों के साथ-साथ सरकारी सहायता प्राप्त महाविद्यालयों को भी ‘फ्री वाई-फाई कैंपस’ बनाया जाए। इसके लिए ‘रिलायंस-जियो’ अपनी सेवाएं नि:शुल्क देगा। वाई-फाई लगाने के लिए समग्र बुनियादी ढ़ांचा ‘रिलायंस-जियो’ द्वारा नि:शुल्क स्थापित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय के विद्यार्थियों एवं स्टॉफ के सदस्यों में से प्रत्येक उपयोगकर्ता को 20 एमबी प्रतिदिन डाटा इन्ट्रोडक्टरी-ऑफर के रूप में एक साल तक मुफ्त दिया जाएगा। 

साभार-khaskhabar.com

 

 

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