BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

नोटबंदी पर नीतीश पलटे,कहा-भारत का कैशलेस/लेसकैश होना असंभव

नोटबंदी पर नीतीश पलटे,कहा-भारत का कैशलेस/लेसकैश होना असंभवनई दिल्ली । बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नोटबंदी पर मोदी सरकार को लगातार समर्थन देते रहने के बाद पहली बार इसका विरोध किया है। दिल्ली में पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम की किताब फियरलेस इन अपोजिशन के विमोचन के मौके पर नीतीश कुमार ने नोटबंदी के फैसले का जमकर विरोध किया। 

नीतीश कुमार ने कहा कि विश्व में कहीं भी कैशलेस और लेसकैश की अर्थव्यवस्था काम नहीं कर रही है, ऎसे में भारत जैसे देश में यह काम नहीं कर सकता है। नोटबंदी पर मोदी सरकार को लगातार समर्थन देने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहली बार इसका विरोध किया है। अभी तक नोटबंदी पर खुलकर मोदी सरकार का समर्थन करने वाले नीतीश कुमार ने केंद्र के इस फैसले पर सवाल उठाया है।  मनमोहन सिंह के बयान (नोटबंदी सदियों तक याद रखने वाला कुप्रबंधन) का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र बताए कि नोटबंदी से क्या फायदा हुआ है। उन्होंने सरकार से पूछा, जब विश्व में कहीं भी कैशलेस और लेसकैश अर्थव्यवस्था काम नहीं कर रही है तो भारत में यह कैसे संभव है। 

जदयू के सांसद जब लगातार नोटबंदी का विरोध कर रहे थे तो उस समय इसे मोदी सरकार का साहसिक फैसला बताने वाले नीतीश कुमार ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर मुद्दों को भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कहती है कि अगले पांच साल में हम किसानों की आमदनी दोगुनी कर देंगे लेकिन जब वो पांच साल तक यहां सत्ता में रहेंगे ही नहीं तो कैसे करेंगे। उन्होंने आरएसएस से डरने के सवाल पर कहा कि मैं उनसे क्यों डरूंगा। हमलोग हमेशा लडते-जुझते रहे हैं। डरते तो ये (आरएसएस) वाले हैं। उन्होंने कहा कि यह हंसने वाली बात है कि मैं बीजेपी के साथ जाउंगा।

साभार-khaskhabar.com

 

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More