BREAKING NEWS

दिल्ली : राहुल गांधी ने शुरू की ‘सत्याग्रह’ पहल, लोगों से मांगी अन्याय के खिलाफ संघर्ष की कहानी || दिल्ली : नशीले पदार्थों की तस्करी के सरगना नवप्रीत सिंह का प्रत्यर्पण, केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया- 'मोदी सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि' || पटना : बाढ़ प्रभावित इलाकों में वायुसेना का राहत अभियान, हेलीकॉप्टरों से 10 टन सामग्री पहुंचाई गई || जोधपुर : केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को जन्मदिन पर बधाईयों का तांता, पीएम मोदी समेत नेताओं ने दी शुभकामनाएं || उत्तर प्रदेश : हापुड़ में मुठभेड़ के बाद पांच अपराधी गिरफ्तार, पुलिस ने 55 लाख के सामान से भरे कैंटर लूट की घटना को सुलझाया

सुनील ग्रोवर को पर्दे पर महिला किरदार निभाना पसंद

नई दिल्ली। रिबन के साथ दो चोटी बांधे कॉमिक महिला अवतार 'गुत्थी' के रूप में लोकप्रिय अभिनेता व कॉमेडियन सुनील ग्रोवर का कहना है कि उन्हें पर्दे पर महिला किरदार निभाना पसंद है। यहां फिक्की लेडिज ऑर्गनाइजेशन के एक कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान सुनील ने आईएएनएस द्वारा पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, "पुरुषों के रूप में जुड़ने से आसान मेरे लिए यह है (महिला रूप)। इसलिए मैं टीवी पर महिला बनकर आता हूं। मैंने कई महिलाओं के किरदार निभाए हैं। मुझे महिला बनना बहुत ज्यादा पसंद है।"

हालांकि वह ऐसे एकमात्र अभिनेता नहीं हैं, जो शो के लिए महिला अवतार लेते हैं। दर्शकों को हंसाने के लिए कृष्ण अभिषेक, गौरव गेरा और अली असगर जैसे अभिनेताओं ने भी इसे आजमाया है। वहीं जब उनसे पूछा गया कि अब हिंदी टीवी शो में महिला हास्य कलाकारों की अच्छी संख्या है, तो क्या अब भी वक्त नहीं आया कि महिला अवतार लेने से पुरुष पीछे हट जाए?

इस पर उन्होंने कहा, "मेरा मानना है कि महिला कलाकारों को भी पर्दे पर पुरुषों का किरदार निभाना चाहिए। मेरे लिए यह महिला या पुरुष जैसा कुछ नहीं है, जब तक आप अच्छे से कर रहे हैं, तब तक दर्शक हंसते रहेंगे। मेरे लिए यह एक किरदार है, और यह महिला बनकर ही होता है। मेरे ख्याल से मुझे वह किरदार निभाना बहुत पसंद है।"
 साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More