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राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों से तोमर ने की बात

नई दिल्ली़। केंद्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज और कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने शनिवार को राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों और अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बात की। इस मौके पर तोमर ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कोरोनावायरस के प्रकोप को लेकर मनरेगा, पीएम-आवास, ग्राम सड़क योजना व ग्रामीण आजीविका मिशन समेत विभिन्न योजनाओं के तहत होने वाले कार्यों के दौरान एहतियात बरतने की अपील की। केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि कोरोनावायरस के प्रकोप के चलते स्थिति चुनौतीपूर्ण बन गई है, लेकिन इसका उपयोग अवसर के तौर पर करते हुए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचों के निर्माण में किया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पैदा हो।
उन्होंने राज्यों से कहा कि सरकारी ई-मार्केट (जीईएम) पोर्टल पर अधिकतम संख्या में स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को डाला जाना चाहिए और स्वयं सहायता समूह के उद्यमों का विस्तार कर उन्हें मजबूत बनाया जाना चाहिए।
तोमर ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन 48 लाख आवास इकाइयों को प्राथमिकता के तौर पर पूरा करने पर जोर दिया, जिनके निर्माण के लिए लाभार्थियों को तीसरी और चैथी किस्त दी जा चुकी है।
उन्होंने राज्यों से पीएमजीएसवाई के तहत, स्वीकृत सड़क परियोजनाओं की निविदाएं तत्काल जारी करने के साथ स्वीकृत सड़क परियोजनाओं को शुरू करने का अनुरोध किया।
तोमर ने कहा कि मंत्रालय ने पीएमएवाई (जी), पीएमजीडीवाई, एनआरएलएम और मनरेगा के तहत काम करते समय सभी सुरक्षा सावधानियों के पालन के लिए राज्यों व संघ शासित प्रदेशों को पहले ही परामर्श जारी कर दिया है।
कंद्रीय मंत्री ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए सभी कार्यस्थलों पर हरसंभव आवश्यक सावधानी बरती जाना चाहिए। उन्होंने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों को आश्वासन दिया कि उन्हें पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों ने केंद्रीय ग्रामीण विकास और कृषि मंत्री के सुझावों से पूरी तरह सहमति व्यक्त की।
बिहार, कर्नाटक, हरियाणा और ओडिशा ने विशेष रूप से, केंद्र सरकार को मनरेगा के तहत लंबित वेतन और सामग्री की बकाया सम्पूर्ण राशि जारी करने के लिए धन्यवाद दिया। बिहार, उत्तर प्रदेश और हरियाणा ने पीएमएवाई (जी) के तहत अतिरिक्त लक्ष्य तय करने का अनुरोध किया। ओडिशा ने डीएवाई-एनआरएलएम के तहत व्यापक पैमाने पर कृषि और गैर-कृषि उद्यमों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।


साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

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