BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

भारत क्षेत्र में आतंकवाद मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने बुधवार को तालिबान को चेतावनी देते हुए कहा कि अफगानिस्तान की ओर से आने वाली किसी भी आतंकी गतिविधि से उसी तरह निपटा जाएगा जैसे भारतीय सेना देश में आतंकवाद से निपटती है। इस दौरान उन्होंने यह सुझाव भी दिया कि क्वाड राष्ट्रों को आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक युद्ध में सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए।

वहीं इस बीच तीन दिन की आधिकारिक यात्रा पर भारत पहुंचे अमेरिका-इंडो पैसिफिक कमांड के कमांडर ने बुधवार को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत से मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई। बता दें, अमेरिका-इंडो पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल जॉन सी एक्विलिनो मंगलवार को तीन दिवसीय यात्रा पर दिल्ली पहुंचे हैं। कमांडर ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर माल्यार्पण कर शहीद हुए वीरों को श्रद्धांजलि देकर अपनी यात्रा की शुरुआत की।

अमेरिका-इंडो पैसिफिक कमांड के कमांडर जॉन सी एक्विलिनो के साथ की बैठक
दूसरे दिन बुधवार को सैन्य बलों के प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने यूनाइटेड स्टेट्स इंडो-पैसिफिक कमांड के कमांडर एडमिरल जॉन सी एक्विलिनो के साथ बैठक की। दोनों वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के बीच हुई वार्ता में क्षेत्र की शांति, सुरक्षा और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग से संबंधित मुद्दे एजेंडे का हिस्सा थे। एडमिरल एक्विलिनो ने थल सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे, वायुसेना प्रमुख आर.के.एस. भदौरिया और नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह से मुलाकात की। अमेरिकी सैन्य कमांडर एडमिरल जॉन सी एक्विलिनो ने भारत के रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार के साथ भी बैठक की।

द्विपक्षीय रक्षा सहयोग पर की चर्चा
जनरल बिपिन रावत ने बुधवार को एडमिरल जॉन एक्विलिनो के साथ ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) की ओर से आयोजित एक इंटरैक्टिव सत्र को भी संबोधित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि तालिबान के नियंत्रण वाले अफगानिस्तान से निकलकर भारत में अपना रास्ता तलाशने वाली किसी भी संभावित आतंकवादी गतिविधि से उसी तरह निपटा जाएगा, जैसे भारतीय सेना देश में आतंकवाद से निपटती है। उन्होंने क्वाड राष्ट्रों को आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक युद्ध में सहयोग को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। जनरल रावत ने कहा कि भारत को अफगानिस्तान पर तालिबान के अधिग्रहण की आशंका पहले से थी लेकिन नवीनतम घटनाओं की समयसीमा ने इसलिए आश्चर्यचकित किया है कि पिछले 20 वर्षों में यह संगठन नहीं बदला है।

भारत क्षेत्र में आतंकवाद मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने कहा कि भारत क्षेत्र में आतंकवाद मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि अगर कम से कम आतंकवादियों की पहचान करने और आतंकवाद के खिलाफ इस वैश्विक युद्ध से लड़ने के लिए कुछ खुफिया जानकारी प्राप्त करने के लिए क्वाड राष्ट्रों से कोई अन्य समर्थन मिल सकता है, तो मुझे लगता है कि इसका स्वागत किया जाएगा। क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। इंटरैक्टिव सत्र में एडमिरल एक्विलिनो ने भारत के सामने आने वाली चुनौतियों का उल्लेख किया। उन्होंने खासकर वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारत की संप्रभुता के साथ-साथ दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में आधारभूत सुरक्षा चिंताओं के संबंध में चर्चा की।

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More