BREAKING NEWS

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’ || लखनऊ : अखिलेश का दावा, SIR पर चुनाव आयोग में ही मतभेद, बताया- लोकतंत्र के लिए घातक || चेन्नई : राहुल गांधी अगले महीने तमिलनाडु में कर सकते हैं 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम || उत्तर प्रदेश : गोंडा में मुठभेड़ के बाद तीन गौतस्कर गिरफ्तार, बहराइच में शातिर अपराधी पुलिस की गोली लगने से घायल

चुनाव वाले राज्यों में 15 अक्टूबर से पहले सभाएं करने की अनुमति

नई दिल्ली। गृह मंत्रालय ने गुरुवार को दिशानिर्देशों में संशोधन करते हुए राजनीतिक दलों को 15 अक्टूबर से पहले रैलियां आयोजित करने की अनुमति दे दी है। ये अनुमति उन 12 राज्यों को दी गई है, जहां चुनाव होने हैं। यह आदेश चुनाव आयोग द्वारा बिहार के विधानसभा चुनाव और 11 राज्यों में उपचुनावों की घोषणा करने के बाद आया है। राज्यों में 28 अक्टूबर, 3 नवंबर और 7 नवंबर को ये चुनाव होने हैं।

एक अधिसूचना में गृह मंत्रालय ने कहा कि खुले स्थानों में 15 अक्टूबर के पहले राजनीतिक सभाएं हो सकती हैं। इनमें मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा।

आदेश में कहा गया है, "आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 10 (2) (आई) के तहत दी गई शक्तियों के उपयोग से यह तय किया जाता है कि संबंधित राज्य सरकारें 15 अक्टूबर से पहले किसी भी दिन 100 व्यक्तियों की मौजूदा सीमा से अधिक संख्या के साथ राजनैतिक सभाओं को अनुमति दे सकती हैं।"

आदेश में बंद और खुले स्थानों के लिए दिशानिर्देशों का भी उल्लेख किया गया है। जैसे हॉल में सभाएं करने के लिए अधिकतम क्षमता 50 प्रतिशत हो। वहीं खुली जगहों पर जमीन या स्थान के आकार को ध्यान में रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग के साथ सभाएं आयोजित हों।

केंद्रीय गृह सचिव और राष्ट्रीय कार्यकारी समिति के अध्यक्ष अजय कुमार भल्ला ने कहा, "राज्य और केंद्र शासित प्रदेश इस तरह के राजनीतिक समारोहों के आयोजन के लिए विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करेंगे और इसे सख्ती से लागू करेंगे।"

इससे पहले 30 सितंबर को गृह मंत्रालय ने 15 अक्टूबर के बाद 100 से ज्यादा व्यक्तियों के लिए सामाजिक, शैक्षणिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक और राजनीतिक कार्यों के आयोजन की अनुमति दी थी।

 

 


साभार-khaskhabar.com

नारद संवाद

देवरिया का ऐसा मंदिर जिसे श्रद्धालु बताते हैं 'अश्वत्थामा' की तपोभूमि

Read More

हमारी बात

स्विट्ज़रलैंड: पहाड़ों पर कुदरत का करिश्मा, मशीनों का जलवा और हम सबको  ‘आज खाने में क्या है की चिंता?’

Read More

Bollywood


विविधा


शंखनाद

राइन फॉल्स, स्विस सीढ़ियाँ और बुज़ुर्ग घुटने: नाव की सैर बनी ओलंपिक प्रतियोगिता!

Read More